February 12, 2026

नहाए खाए के साथ कल से शुरू होगा छठ महापर्व, तैयारी पूरी, खरीदारी को सजे बाजार

पटना। लोकआस्था का महापर्व छठ 5 नवंबर से नहाए खाए के साथ शुरू हो रहा है। ऐसे में इस महापर्व में घर लौटने वाले प्रवासियों की काफी भीड़ देखने को मिल रहा है। ट्रेन, बस और जितनी भी यातायात के साधन हैं सभी जगह पर भीड़ दिख रही है। इसके अलावा बाजार में भी रौनक बढ़ गई है। इस महापर्व को लेकर लोगों ने खरीदारी करनी शुरू कर दी है। छठ महापर्व को शुद्त्ता के लिए जाना जाता है। वैसे तो इस महापर्व में अधिकतर घरेलू सामान का ही उपयोग किया जाता है। लेकिन कुछ वस्तुएं ऐसी होती है जिसको लेकर बाजार में खरीदारी होती है। जिसमें फल से लेकर सूप और दउरा तक शामिल है। हालांकि, शहरी इलाकों में बाकि उपयोगी चीज़ की भी खरीददारी होती है। राजधानी पटना में छठ पूजा को लेकर सूप, दउरा, मिट्टी का चूल्हा लकड़ी, नारियल आदि की बिक्री शुरू हो चुकी है। खरीदारों की भीड़ बाजार में उमड़ने लगी है।इस बार छठ पूजा पर पीतल की सूप का काफी डिमांड है इसमें कस्टमाइज सूप भी शामिल है। हर साल से ज्यादा इस बार भी इसका डिमांड देखने को मिल रहा है। वहीं,दुकानदार के अनुसार इस बार पीतल का रेट 800 से ₹1000 किलो तक है पिछले साल की तुलना में पीतल के दाम में उतनी ज्यादा बढ़ोतरी देखने को नहीं मिली है इसलिए मार्केट में ₹600 से लेकर ₹1000 तक का सूप उपलब्ध है। वही पीतल के अलावा सोने और चांदी का शुभ भी मार्केट में उपलब्ध है। मार्केट में 15 ग्राम से लेकर 100 ग्राम वजन तक का सूप उपलब्ध है जिसकी कीमत 2000 से लेकर ₹10000 तक बताई जा रही है। इधर,बाजार में पानी वाला नारियल 50 से 80 रुपए जोड़ा में उपलब्ध है नारियल की मांग इस पर में सबसे अधिक होती है। जबकि छठ व्रत में खाना बनाने में आम की लकड़ी का प्रयोग होता है। इस बार आम की लकड़ी की कीमत बाजार में 100 से 150 रुपए पसेरी बताई जा रही है। छठ पवित्रता के लिए मिट्टी के चूल्हे की डिमांड रहती है। छठ व्रती माताएं-बहने मिट्टी के चूल्हे पर ही नहाए खाए का प्रसाद बनती है। लिहाजा, इस बार मिट्टी के चूल्हे की कीमत 150 सौ से लड़ाई 250 बताई जा रही है।

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