दरभंगा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने एम्स निर्माण स्थल का किया निरीक्षण, कार्यों का लिया जायजा
दरभंगा। बिहार में दूसरे एम्स के निर्माण को लेकर गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। राज्य सरकार द्वारा केंद्र को 150 एकड़ जमीन हस्तांतरित करने के बाद, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने दरभंगा एम्स के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और कई महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए। उनके साथ बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय और भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी उपस्थित थे। जेपी नड्डा के इस दौरे से स्थानीय लोगों में एम्स निर्माण की उम्मीदें फिर से जाग उठी हैं, और अब उन्हें विश्वास है कि उनका सपना जल्द ही साकार होगा। दरभंगा में एम्स निर्माण की घोषणा पहली बार 2015 में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा की गई थी। उन्होंने बिहार के लिए दूसरे एम्स की स्थापना का वादा किया था। इसके बाद, 2020 में विधानसभा चुनाव से पहले, केंद्रीय कैबिनेट ने दरभंगा में एम्स बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। राज्य सरकार ने तुरंत जमीन की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की और पहले दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) परिसर में एम्स बनाने का प्रस्ताव रखा। हालांकि, बाद में राज्य सरकार ने यह महसूस किया कि डीएमसीएच के परिसर में एम्स का निर्माण होने से दोनों अस्पतालों की क्षमता सीमित हो जाएगी और यह योजना एक साधारण अस्पताल में तब्दील हो सकती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने शोभन बाइपास पर बिहार के दूसरे एम्स के निर्माण के लिए 7 दिसंबर 2023 को केंद्र सरकार को नया प्रस्ताव भेजा। इसके अलावा, राज्य सरकार ने डीएमसीएच परिसर को भी रिडेवलप करने की योजना बनाई है। इस योजना के तहत, डीएमसीएच में 2500 बिस्तरों वाले नए अस्पताल का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए 2742.04 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई है। इस योजना पर कार्य तेजी से जारी है, और इसके पूरा होने के बाद यह उत्तर बिहार के लोगों के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल के मरीजों को भी बड़ी राहत प्रदान करेगा। दरभंगा में एम्स का निर्माण उत्तर बिहार और आसपास के क्षेत्रों के स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद, लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, और उन्हें चिकित्सा सेवाओं के लिए दूसरे राज्यों या दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। खासकर गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए यह अस्पताल एक महत्वपूर्ण केंद्र साबित होगा। एम्स निर्माण से जुड़ी इस परियोजना का महत्व सिर्फ दरभंगा या बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे पूर्वी भारत के लोगों के लिए एक बड़ा चिकित्सा केंद्र बनने की क्षमता रखता है। साथ ही, यह अस्पताल नेपाल के मरीजों को भी विशेष लाभ प्रदान करेगा, क्योंकि उनकी चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निकटतम बड़ा अस्पताल उपलब्ध हो जाएगा। कुल मिलाकर, दरभंगा में एम्स का निर्माण बिहार के स्वास्थ्य ढांचे को एक नई ऊंचाई पर ले जाने वाला है। जेपी नड्डा के निरीक्षण के बाद, अब इस परियोजना की गति और तेजी से बढ़ेगी, और लोग इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।


