February 15, 2026

पर्यावरण के बढ़ते प्रदूषण व प्लास्टिक के उपयोग से होने वाले खतरे से आगाह करते प्रबुद्धजनों का वेबिनार सेमिनार

पटना,फुलवारीशरीफ(अजीत)। मंगलवार को पटना मैनेजमेंट एसोसिएशन द्वारा ‘बिहार राज्य उत्पादकता परिषद्’ के सहयोग से ‘विश्व पर्यावरण दिवस 2023’ के अवसर पर संध्या 7 बजे प्लास्टिक से हो रहे प्रदूषण की समस्या का समाधान विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। वही इस वेबिनार में स्वागत भाषण बिहार राज्य उत्पादकता परिषद् के अध्यक्ष डी। के। श्रीवास्तव ने दिया। पटना मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट बसंत कुमार सिन्हा ने विषय का प्रारंभिक परिचय देते हुए प्रत्येक व्यक्ति द्वारा इस संबंध में अपने उत्तरदायित्व के पालन के लिए किए जा सकने वाले कार्यों के बारे में बताया। वहीं विश्वप्रसिद्ध पर्यावरण वैज्ञानिक एवं शिक्षा संस्था निर्माता चांसलर डॉ। पी। आर। त्रिवेदी ने बताया कि कैसे पिछले 50 खालों से यु।एन।इ।पी। के सहयोग से पूरे विश्व में और उनके द्वारा भी विश्व पर्यावरण दिवस पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है और सामान्यजन एवं विद्यार्थियों को विश्व में पर्यावरण की समस्याओं के प्रति जागरूक बनाया गया है।

वही उन्होंने प्लास्टिक के उपयोग से होने वाली पर्यावरण की समस्याओं के बारे में भी बताया। मुंगेर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ। रणजीत कुमार वर्मा ने प्लास्टिक द्वारा प्रदूषण के तकनीकी पक्ष एवं माइक्रो-प्लास्टिक के द्वारा होने वाली मानवीय क्षति एवं रोगों की जानकारी दी। वही इसके बाद एल।एन। मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा के प्रो। एवं पूर्व प्रिंसिपल डॉ। विद्यानाथ झा ने विषय पर अभिभाषण के साथ-साथ कृषि के क्षेत्र में प्लास्टिक के प्रयोग से हानि के बारे में बताया। विशिष्ट सेवानिवृत वैज्ञानिक डॉ। विनोद गुप्ता ने भी कृषि में खासकर मिथिला क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के लिए सामान्यजन द्वारा किए जा रहे उपायों के बारे में बताया। वही टाटा कंपनी से सेवानिवृत वरिष्ठ अधिकारी प्रो। चन्द्रेश्वर खान एवं एच।ई।सी। से सेवानिवृत महाप्रबंधक नागेश झा ने चर्चा में भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं स्वास्थ्य सुरक्षा के विभिन्न उपायों का उल्लेख किया। वही धन्यवाद ज्ञापन करते हुए मणि किशोर दास, सचिव, पटना मैनेजमेंट एसोसिएशन ने कम्प्यूटर एवं आइ।टी। क्षेत्र में प्लास्टिक प्रदूषण, विश्व बैंक एवं आर। बी। आई। द्वारा जारी ग्रीन बांड एवं बैंकरों द्वारा पर्यावरण प्रक्षेत्र के उद्योग एवं पर्यावरण जागरुक से सामान्य जनों द्वारा संभावित सहयोग की चर्चा की।

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