September 6, 2026

आनंद मोहन की रिहाई के तर्ज पर अन्य असहाय कैदियों के लिए भी नियम बदले नीतीश सरकार : उपेंद्र कुशवाहा

  • आनंद मोहन को लेकर इशारों इशारों में उपेंद्र कुशवाहा ने मुख्यमंत्री पर कसा तंज, गरीब कैदियों को छोड़ने की कही बात

पटना। बिहार सरकार ने जेल में सजा काट रहे आनंद मोहन समेत कुल 27 कैदियों की रिहाई का आदेश जारी किया। जिसके बाद गुरुवार सुबह आनंद मोहन सहरसा जेल से रिहा किए गए। जहां उनकी रिहाई के बाद उनके समर्थकों में उत्साह है वही अब इसको लेकर राजनीति भी चरम पर आ गई है। जानकारी के मुताबिक आनंद मोहन की रिहाई को लेकर जी कृष्णैया की पत्नी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहां कि वह इस मामले में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की बात कहेंगी वही अब इस मामले में राष्ट्रीय लोक जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि सरकार का यह फैसला अपनी जगह ठीक है लेकिन मामूली अपराधों में जेल में बंद हजारों बंदियों के लिए भी सरकार को नरमी बरतनी चाहिए। मामूली कानूनी प्रक्रिया पूरा नहीं करने पर हजारों कैदी अभी भी बिहार के विभिन्न जेलों में बंद हैं। गरीब और असहाय कैदियों के लिए भी सरकार को नियम बनाने चाहिए। उन्होंने कहा कि हजारों कैदी ऐसे हैं जो मामूली अपराध में भी लंबी-लंबी सजाएं भुगत रहे हैं। कई गरीब और असहाय लोग भी जेल में बंद है। जिनके लिए कोई बेल पिटीशन देने को भी तैयार नहीं है। सरकार को ऐसे कैदियों के लिए भी रियायत देने की जरूरत है। बिहार सरकार को ऐसे मामूली अपराधों में लंबे समय से बंद लोगों के प्रति भी चिंता जाहिर करनी चाहिए और उनके लिए भी कुछ उपाय कर राहत देनी चाहिए। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि थोड़ा बहुत कानूनी प्रक्रिया पूरा नहीं करने के कारण बहुत से लोग जेल में बंद है, जो बेहद गरीब और असहाय हैं। सरकार को ऐसे लोगों के प्रति भी दया दिखानी चाहिए। उन्होंने डिहरी में सीएम नीतीश कुमार पर भी जुबानी हमला किया तथा कहा कि नीतीश कुमार एक बर्बाद पार्टी के नेता है। उन्होंने खुद अपने हाथों से अपनी पार्टी को बर्बाद कर लिया हैं।

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