August 29, 2026

बिहार में बेटियों की सुरक्षा बढ़ेगी, स्कूल-कॉलेज के बाहर बढ़ेगी गश्त, मनचलों की खैर नही

  • ‘अभया ब्रिगेड’ यानी ‘पुलिस दीदी’ की टीमें रखेंगी नजर, छुट्टी के समय संवेदनशील इलाकों में होगी विशेष निगरानी
  • छेड़खानी और पीछा करने वालों पर शिकंजा, छात्राओं से सीधे संवाद कर बताएंगी आपात सहायता का तरीका

पटना। बिहार में स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के आसपास छात्राओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने निगरानी और गश्त बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। महिलाओं और बेटियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘अभया ब्रिगेड’ यानी ‘पुलिस दीदी’ की टीमें अब शिक्षण संस्थानों के आसपास विशेष रूप से सक्रिय रहेंगी। महिला पुलिसकर्मियों की टीमें स्कूल-कॉलेज खुलने और छुट्टी होने के समय संवेदनशील इलाकों में गश्त करेंगी। इस पहल का उद्देश्य केवल पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना नहीं, बल्कि छात्राओं और महिलाओं के बीच सुरक्षा का भरोसा मजबूत करना भी है। पुलिस की कोशिश है कि किसी भी तरह की परेशानी होने पर छात्राएं बिना झिझक पुलिस से संपर्क कर सकें और समय रहते कार्रवाई हो सके।
नवगछिया में विशेष अभियान से शुरुआत
भागलपुर के नवगछिया पुलिस जिले में शुक्रवार को ‘पुलिस दीदी’ टीम ने विशेष अभियान चलाकर इस पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने का संदेश दिया। महिला पुलिसकर्मियों की टीमों ने बालिका विद्यालयों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों के आसपास गश्त की। इसके साथ ही बाजार, प्रमुख चौराहों, पार्क और बस पड़ाव जैसे सार्वजनिक स्थानों पर भी निगरानी की गई। पुलिस की मौजूदगी का मकसद ऐसे स्थानों पर असामाजिक गतिविधियों को रोकना और महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। अधिकारियों के अनुसार, संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां नियमित निगरानी को प्राथमिकता दी जाएगी।
स्कूल-कॉलेज के बाहर मनचलों पर नजर
शिक्षण संस्थानों में छुट्टी के समय बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं बाहर निकलते हैं। इसी दौरान कई जगहों पर युवकों के समूह जमा होने, छात्राओं पर फब्तियां कसने, पीछा करने या परेशान करने जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे स्थानों पर अब महिला पुलिसकर्मियों की निगरानी बढ़ाई जाएगी। ‘अभया ब्रिगेड’ की टीमें पैदल और बाइक से गश्त करेंगी। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ तेज रफ्तार बाइक चलाने वाले और बिना वजह संवेदनशील इलाकों में घूमने वाले युवकों की भी जांच की जा सकती है। पुलिस की कोशिश है कि छात्राओं के रास्ते में परेशानी पैदा करने वालों पर समय रहते कार्रवाई हो और बेटियों को स्कूल, कॉलेज या कोचिंग जाने में किसी तरह का डर महसूस न हो।
छात्राओं से सीधे संवाद करेंगी पुलिस दीदी
अभया ब्रिगेड की खासियत केवल गश्त तक सीमित नहीं रहेगी। महिला पुलिसकर्मी छात्राओं से सीधे संवाद कर उन्हें सुरक्षा से जुड़े अधिकारों और पुलिस सहायता के बारे में जानकारी देंगी। उन्हें समझाया जाएगा कि छेड़छाड़, पीछा करने, धमकी, मानसिक प्रताड़ना या किसी अन्य परेशानी की स्थिति में चुप रहने की जरूरत नहीं है। छात्राओं को आपातकालीन सहायता के लिए डायल-112 की जानकारी भी दी जाएगी। पुलिस उन्हें बताएगी कि किसी संदिग्ध व्यक्ति या घटना की जानकारी तत्काल पुलिस तक कैसे पहुंचाई जा सकती है। शिकायत करने वाली छात्रा या महिला की पहचान को गोपनीय रखने और जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई का भरोसा भी दिया जाएगा।
महिला सुरक्षा पर पूरे बिहार में जोर
‘पुलिस दीदी’ अभियान को केवल नवगछिया तक सीमित पहल के रूप में नहीं देखा जा रहा है। बिहार में महिला और छात्रा सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन की सक्रियता बढ़ाई जा रही है। विभिन्न जिलों में महिला पुलिसकर्मियों की टीमों के माध्यम से स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे खासकर उन छात्राओं को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें पढ़ाई के लिए रोजाना घर से दूर जाना पड़ता है। छोटे शहरों और कस्बों से लेकर बड़े शहरी क्षेत्रों तक शिक्षण संस्थानों के आसपास सुरक्षित वातावरण तैयार करना अभियान की प्राथमिकता है।
अभिभावकों और स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील
पुलिस प्रशासन ने अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों और स्थानीय लोगों से भी अभियान में सहयोग करने की अपील की है। अधिकारियों का मानना है कि केवल पुलिस की मौजूदगी से महिला सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित नहीं की जा सकती। स्कूल-कॉलेज प्रबंधन, परिवार और समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि यदि किसी इलाके में छात्राओं या महिलाओं को परेशान करने की घटना सामने आती है तो उसकी जानकारी पुलिस तक पहुंचाई जाए। समय पर सूचना मिलने से कार्रवाई करना आसान होगा।
बेटियों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने की कोशिश
‘अभया ब्रिगेड’ की नियमित गश्त से पुलिस का संदेश स्पष्ट है कि छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के आसपास निगरानी बढ़ने से असामाजिक तत्वों पर दबाव बढ़ने की उम्मीद है। पुलिस की कोशिश है कि बिहार की बेटियां बिना डर पढ़ाई के लिए घर से निकल सकें और सार्वजनिक स्थानों पर सम्मान और सुरक्षा के साथ आवाजाही कर सकें। आने वाले दिनों में संवेदनशील इलाकों की पहचान कर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।