बाढ़ : हड़ताल से लगा कूड़ों का अंबार, लोगों ने कहा- यह है ‘बाढ़ नरक परिषद’
बाढ़। जहां पटना नगर निगम के चतुर्थवर्गीय कर्मियों की हड़ताल शनिवार को 6वें दिन समझौते के बाद स्थगित कर दी गई है। वहीं पिछले 8 दिनों से बाढ़ नगर परिषद के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। ऐसे में नगर परिषद अधिकारी हड़ताली कर्मचारियों से वार्ता करने को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। जिससे बाढ़ नगर परिषद के गली-मुहल्लों में कूड़ा-कचरा का अंबार लगा हुआ है। लोग गंदगियों के बीच जीवन यापन करने को मजबूर हैं। गंदगियों से पनपने वाली बिमारियों को लेकर लोग आशंकित भी दिख रहे हैं। लोग अब बाढ़ नगर परिषद को बाढ़ नरक परिषद कहकर संबोधन करने लगे हैं। इसके बावजूद अधिकारी समझौता करने के बजाए कान में तेल डाले सोये हुए हैं।
बता दें बाढ़ नगर परिषद के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर नगर परिषद गेट पर डटे हुए हैं। वार्ड जमादार का कहना है कि हम लोग किसी भी कीमत पर आउटसोर्सिंग के जरिए काम नहीं करेंगे और जब तक हमारी नौकरी स्थायीकरण नहीं की जाती है, तब तक हम लोग काम पर भी लौटने वाले नहीं हैं। इस बीच रविवार को माघी पूर्णिमा है। जिसमें राज्य के चप्पे-चप्पे से हजारों श्रद्धालु बाबा उमानाथ धाम पहुंचते हैं और गंगा स्नान कर पूजा-पाठ करते हैं। ऐसी स्थिति में नगर परिषद सफाई को लेकर कहां तक सफल होती है, वह तो कल पता चल पाएगा। हालांकि दैनिक वेतन भोगी कर्मियों के हड़ताल पर जाने से शहर की साफ सफाई पर क्या असर पड़ा है, इस बाबत जब नगर प्रबंधक मनीष कुमार से बात की गई तो, उन्होंने बताया कि मात्र 13 सरकारी कर्मचारी के बल पर बाढ़ के 27 वार्डों की सफाई बारी-बारी से कराई जा रही है, जो नाकाफी सिद्ध हो रही है।


