February 16, 2026

PMCH सहित 9 सरकारी अस्पतालों के जू. डॉक्टरों के बेमियादी हड़ताल का नहीं दिखा असर

पटना। स्टाइपेंड बढ़ाने का मांग को लेकर पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (पीएमसीएच) सहित बिहार के 9 मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर बुधवार की सुबह से अनिश्चतकालीन हड़ताल पर चले गए। जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी के अलावा इमरजेंसी में भी कार्य का बहिष्कार किया। हालांकि सभी मेडिकल कॉलेजों में सीनियर डॉक्टरों को तैनात कर दिया गया है। जिससे एनएमसीएच को छोड़कर बाकी के 8 अस्पतालों में हड़ताल का कोई खासा असर नहीं दिखा। आईजीआईएमएस में कुछ जूनियर डॉक्टर भी ड्यूटी पर नजर आए।
पीएमसीएच में बड़े आपरेशन टले
पीएमसीएच के प्राचार्य विद्यापति चौधरी ने बताया कि सीनियर डॉक्टरों का रोस्टर तैयार कर लिया गया है और उसी अनुसार ड्यूटी लगाई जा रही है। कुछ घंटों के लिए रुकी ओपीडी सेवा ठप रही, हालांकि सीनियर डॉक्टरों के आने के बाद शुरू कर दी गई। इस दौरान मरीजों की लाइन भी दिखी। अगर जूनियर डॉक्टर लगातार हड़ताल पर रहते हैं तो सिविल सर्जन को अतिरिक्त डॉक्टर के लिए भी वे लिखेंगे। हड़ताल पर गए जूनियर डॉक्टरों की कुल संख्या 1200 से 1500 मानी जा रही है। श्री चौधरी ने बताया जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल का असर सामान्य इलाज पर तो नहीं पड़ रहा है, लेकिन डॉक्टरों की कमी होने की वजह से पीएमसीएच में आपरेशन की तारीखें बढ़ाई जा रही हैं। बुधवार के कई आपरेशन टाल दिए गए।
एनएमसीएच में प्रभावित रही ओपीडी
एनएमसीएच में आपातकालीन सेवा के साथ-साथ ओपीडी सेवा पूरी तरह से प्रभावित रही। सीनियर डॉक्टरों के भरोसे पूरा अस्पताल चल रहा है। यहां वार्ड में भर्ती मरीजों का इलाज भी बाधित हुआ। हालांकि नर्स अस्पताल में सेवा दे रही हैं लेकिन मरीज को कोई बड़ी परेशानी होती है तो उसे देखने वाला कोई नहीं है।
आईजीआईएमएस के ओपीडी में रही भीड़
आईजीआईएमएस की बात करें तो यहांजूनियर डॉक्टरों की हड़ताल का कोई खास असर नहीं दिखा। हर दिन की तरह आज भी ओपीडी में मरीजों की काफी भीड़ रही। हर दिन की तरह रसीद कटी, यहां सीनियर डॉक्टर के साथ कई जूनियर डॉक्टर मिलकर ड्यूटी करते दिखे।

You may have missed