February 15, 2026

जागरुकता और समय पर इलाज से ही ब्रेस्ट कैंसर पर पाया जा सकेगा काबू : एम्स निदेशक

फुलवारी शरीफ। शुक्रवार को एम्स पटना में ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों को विशेष रूप से महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर का पता लगाने और उपचार के बारे में जागरूक किया गया। क्योंकि निम्न और मध्यम आय वाले देशों में पिछले वर्षों में यह घटना लगातार बढ़ रही है। यह कार्यक्रम “गीव होप सेव लाईफ” के थीम पर आधारित थी। इस अयोजन का मुख्य उद्देश्य यह था कि हम सभी को स्वास्थ्य देखभाल संसाधनों के समुचित उपयोग द्वारा ब्रेस्ट कैंसर की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करके उचित समन्वय के साथ मिलकर काम करना होगा।
एम्स पटना के डायरेक्टर डॉ. प्रभात कुमार सिंह ने कहा कि कैंसर मामलों का पहले ही पता लगाने के लिए हमें स्वास्थ्य संस्थानों के विभिन्न विभागों और स्क्रीनिंग सुविधाओं के समन्वय के साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में कैंसर के मामलों को कम करने के लिए कैंसर तथा उसके कारणों के प्रति लोगों को जागरूक किए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है ताकि वे इस बीमारी, इसके लक्षणों और इसके भयावह खतरे के प्रति जागरूक रहें। एम्स निदेशक ने कहा कि कैंसर के करीब दो तिहाई मामलों का बहुत देर से पता चलता है और कई बार तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। इसी उद्देश्य से दुनियाभर में लोगों को कैंसर होने के संभावित कारणों के प्रति जागरूक करने, प्राथमिक स्तर पर कैंसर की पहचान करने और इसके शीघ्र निदान तथा रोकथाम के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए सबको एकजुट होकर समन्वय के साथ काम करना होगा।
वहीं रेडियोलोजी विभाग एम्स पटना की डॉ. उपासना सिंह ने कहा कि कैंसर की रोगियों की प्रारंभिक पहचान आमतौर पर यथाशीघ्र जांच कराने जैसे की मैमोग्राम , अल्ट्रासाउंड परीक्षण पर ध्यान केन्द्रित करके सफल उपचार की संभावना को बढ़ाता है। इस अवसर पर एम्स पटना के ब्रेस्ट और इंडोक्राइन सर्जन डॉ. चन्दन कुमार झा ने उपचार के शल्य चिकित्सा के विभिन्न तरीकों के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीँ एम्स पटना के पलास्टिक सर्जरी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. वीणा सिंह ने कैंसर रोगियों के उपचार हेतु इस महत्व पर प्रकाश डाला कि किस प्रकार पूर्ण संरचनात्मक सर्जरी रोगियों को मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य प्रदान करती है। एम्स पटना की रेडियोथेरेपी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीतांजली सिंह ने कहा कि रेडियोथेरेपी ब्रेस्ट कैंसर के प्रबंधन में महत्वपूर्ण घटकों में से एक है। एम्स पटना मेडिकल आॅन्कोलोजिस्ट डॉ. अविनाष पांडेय ने ब्रेस्ट कैंसर के मरीजों पर कीमोथैरेपी, हारमोनल थैरेपी एवं टारगेटेड थैरेपी इत्यादि के उपयोग एवं महत्व पर प्रकाश डाला। एम्स पटना की भौतिक चिकित्सा विभाग की डॉ. रीना श्रीवास्तव ने उपचार के दौरान और बाद में रोगियों के उचित देखभाल के बारे में बताया।

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