किसान रेल से फल एवं सब्जियों की ढुलाई करने पर 50% की दी जा रही है सब्सिडी
हाजीपुर। भारतीय रेल द्वारा किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए किसान रेल चलाया जा रहा है। इससे किसानों को तो लाभ हो ही रहा है, उपभोक्ता भी लाभान्वित हो रहे हैं। सब्सिडी किसानों को फल-सब्जियों की बुकिंग के समय ही दी जा रही है, ताकि ये लाभ बिना किसी व्यवधान और विलंब के किसानों तक पहुंच सकें।
देवलाली (नासिक रोड) से दानापुर के बीच पहली किसान रेल का परिचालन बीते साल 07 अगस्त को प्रारंभ किया गया था। तत्पश्चात किसानों की मांग पर इसका विस्तार अब मुजफ्फरपुर तक कर दिया गया है। वर्तमान में पूर्व मध्य रेल द्वारा मुजफ्फरपुर और देवलाली के बीच 00107/00108 मुजफ्फरपुर-देवलाली-मुजफ्फरपुर किसान रेल का परिचालन सप्ताह में तीन दिन किया जा रहा है। इसके अलावा 08 किसान रेल ऐसी भी हैं जो दूसरे क्षेत्रीय रेलों से खुलकर पूर्व मध्य रेल के विभिन्न स्टेशनों से होकर नई दिल्ली, कोलकाता, गुवाहाटी, हावड़ा, अमृतसर, इंदौर आदि जगहों के लिए चलायी जा रही है। साथ ही
किसान रेल से बुक की जानेवाली सामग्रियों पर ‘पी’ स्केल का माल शुल्क लगाया जाता है। खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय की आॅपरेशन ग्रीन्स-टोप टू टोटल योजना के तहत किसान रेल द्वारा फलों एवं सब्जियों की ढुलाई पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है। मुजफ्फरपुर से देवलाली (1594 किमी.) माल की बुकिंग पर 405 रूपए का मालभाड़ा लगता है जबकि फल एवं सब्जयों की बुकिंग करने पर इसमें 50 प्रतिशत की सब्सिडी के बाद किसानों के लिए मात्र 203 रूपए प्रति क्विंटल माल शुल्क देय है। इसी तरह दानापुर से देवलाली के लिए प्रति क्विंटल 197 रूपए, पटना से गुवाहाटी के लिए प्रति क्विंटल 125 रूपए, पटना से नईदिल्ली के लिए प्रति क्विंटल 138 रूपए तथा पटना से हावड़ा के लिए फलों एवं सब्जियों की बुकिंग पर प्रति क्विंटल मात्र 130 रूपए माल शुल्क देय है।
विदित हो कि किसान रेल सेवा विशेषकर दूध, मीट, मछली सहित जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थ और कृषि उत्पादों की ढुलाई के लिए शुरू की गई है। यह मल्टी कमोडिटी, मल्टी कंसाइनल/कंसाइनी, मल्टीलोडिंग/अनलोडिंग रेल परिवहन सेवा है, जिसका मकसद किसानों को बड़े स्तर पर बाजार उपलब्ध कराना है।


