भोजपुर में पोखर में डूबने से युवक की मौत, भैंस चराने के दौरान हुआ हादसा
- पोखर किनारे पैर फिसलने से पानी में गिरा युवक, अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
- छत्तीसगढ़ में मजदूरी करता था युवक, घटना के बाद परिवार में मचा मातम
भोजपुर। बिहार के भोजपुर जिले में एक दुखद हादसे में पोखर में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब युवक घर से भैंस चराने के लिए निकला था। बताया जा रहा है कि पोखर के किनारे पैर फिसलने के कारण वह अचानक पानी में गिर गया और डूबने से उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है और मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है। मृतक की पहचान बक्सर जिले के ढावी नैनिजोर गांव निवासी हृदया यादव के पुत्र अवधेश यादव के रूप में हुई है। वह पेशे से मजदूर था और छत्तीसगढ़ में एक निजी कंपनी में मजदूरी का काम करता था। कुछ दिनों के लिए वह अपने गांव आया हुआ था। इसी दौरान यह दुखद घटना घट गई। मृतक के साले अशोक कुमार यादव ने बताया कि अवधेश यादव सुबह घर से भैंस चराने के लिए निकला था। इसी दौरान भोजपुर जिले के महुआर गांव स्थित एक पोखर के किनारे उसका पैर अचानक फिसल गया। संतुलन बिगड़ने के कारण वह सीधे पानी में गिर गया और डूबने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने जब उसे पानी में गिरते देखा तो तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और परिवार के सदस्यों को भी घटना की जानकारी दी गई। थोड़ी ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां इकट्ठा हो गए। लोगों ने मिलकर युवक को पोखर से बाहर निकालने का प्रयास किया और काफी मशक्कत के बाद उसे पानी से बाहर निकाला गया। इसके बाद परिजन और ग्रामीण तुरंत उसे इलाज के लिए शाहपुर अस्पताल लेकर पहुंचे। हालांकि अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने जांच के दौरान युवक को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार युवक की मौत पानी में डूबने के कारण हुई। अवधेश यादव अपने परिवार में पांच भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसकी असामयिक मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार में उसकी पत्नी सुनीता देवी, पुत्र नीरज कुमार और एक पुत्री श्रेया कुमारी हैं। घटना की खबर मिलते ही घर में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि अवधेश यादव मेहनती और सरल स्वभाव का व्यक्ति था। वह अपने परिवार के पालन-पोषण के लिए बाहर जाकर मजदूरी करता था। उसकी अचानक मौत से गांव के लोग भी काफी दुखी हैं। इस घटना ने एक बार फिर पोखरों और जलाशयों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई पोखरों के किनारे फिसलन होती है और वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होते। ऐसे स्थानों पर सावधानी नहीं बरतने से इस तरह के हादसे हो जाते हैं। फिलहाल घटना के बाद मृतक के परिवार और गांव में गहरा शोक व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे जलाशयों के आसपास सुरक्षा के उपाय किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।


