February 17, 2026

यह क्या डीजीपी साहब..आपके पुलिसवालों ने ही किडनैपिंग किया,फिरौती भी मांगी और जेल भी चले गएं….

पटना।(बन बिहारी)प्रदेश के वैशाली जिले से बिहार पुलिस की एक बेहद शर्मिंदा कर देने वाला कारनामा उजागर हुआ है।प्रदेश के वैशाली जिले में अपहरण के आरोप में चार पुलिसकर्मी गिरफ्तार किए गए हैं, साथ ही 3 शातिर भी पकड़े गए हैं। दरअसल जिले में विधि व्यवस्था कायम रखने के लिए जिन पुलिसकर्मियों की विशेष टीम बनाई गई थी।उन्होंने ही अपहरण कर फिरौती वसूलने की घटना को अंजाम देने का प्रयास करके पूरी खाकी वर्दी को दागदार करने का काम किया है।इस समय जब प्रदेश के डीजीपी पूरे बिहार में घूम-घूम कर बिहार पुलिस की छवि सुधारने में लगे हुए हैं,तब ऐसी खबरों का आना बिहार पुलिस के लिए शर्मनाक है।प्राप्त जानकारी के अनुसार पैंथर मोबाइल की स्पेशल टीम के तीन जवान तथा एक होमगार्ड को आरक्षी अधीक्षक गौरव मंगला ने एक व्यक्ति के अपहरण कर उसकी पत्नी से फिरौती की मांग किए जाने के आरोप में गिरफ्तार किया है।घटना के बारे में बताया जाता है कि गत 29 फरवरी को वैशाली जिला के लालगंज टोटाहा के शिवपूजन झा नामक व्यक्ति का इन पुलिस वालों ने अपहरण कर लिया था।शिवपूजन झा को खुद को एसटीएफ बताने वाले इन पुलिसकर्मियों ने रामाशीष चौक से पूछताछ के नाम पर उठा लिया था।इसके बाद उस शख्स को किसी गुप्त स्थान पर बंधक बनाकर रखा गया तथा उसके घरवालों से उसे छोड़ने के लिए बतौर फिरौती एक लाख की मांग की गई। इस घटना से खौफजदा परिवार ने इस मामले की एफआईआर सदर थाने में दर्ज कराई।जिसके बाद कुछ घंटों के अनुसंधान में ही पुलिस अपहरणकर्ताओं तक पहुंच गई। इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया जिसमें चार पुलिसवाले वाले तथा तीन अपराधी शामिल है।गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम कि होश उड़ गए जब उन्हें पता चला कि इस नापाक घटना को अंजाम देने वाले उनके अपने डिपार्टमेंट के लोग हैं। जानकार बताते हैं कि इस घटना में शामिल तीन पुलिसकर्मी उस टीम के हिस्सा हैं,जिस टीम का गठन ही जिले में बढ़ते आपराधिक वारदातों पर नकेल कसने के लिए किया गया था।अब जब पुलिसकर्मियों के कारनामों के ऐसे मामले सामने आ रहे हैं तो निश्चित तौर पर आम जनों का पुलिस पर भरोसा उठ जाएगा।

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