लोकतांत्रिक विरोध में हिंसा का कोई स्थान नहीं: एनएसयूआई

  • एनएसयूआई के लोकतांत्रिक विरोध पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने किया तानाशाही पूर्ण व्यवहार
  • छात्रों की समस्या को सुनने की जगह गुंडों से मारपीट करवाते हैं केंद्रीय शिक्षा मंत्री: शाश्वत शेखर
  • शैक्षणिक कैंपस का भगवाकरण कर रही है केंद्र सरकार: शाश्वत शेखर

पटना। बिहार के दो दिवसीय दौरे पर पटना पहुंचे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को एनएसयूआई के छात्र नेताओं ने छात्र हितों की खिलाफत करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को काला झंडा दिखाया था जिसके बाद भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े गुंडों ने उनके ऊपर कायरना हमला कर दिया था। इसमें प्रदर्शनकारी एनएसयूआई के छात्रनेताओं की केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से छात्र हित में कदम उठाने की मांग थी जिसे डेकिनार करते हुए लोकतांत्रिक विरोध को गुंडों के बल पर दबाने का काम किया गया। ये बातें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को काला झंडा दिखाने वाले एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक शाश्वत शेखर ने कही।एनएसयूआई नेता शाश्वत शेखर ने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग में व्याप्त कुव्यवस्था को खत्म किया जाएं और स्वच्छ परीक्षा का आयोजन किया जाएं। पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाएं, छात्रावासों, लैब को दुरुस्त और प्लेसमेंट सेल को प्रभावी बनाने की मांग हमने की है। वहीं बिहार के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में बिहार के युवाओं को शोध और शैक्षणिक गैर शैक्षणिक नौकरी में मौका दिया जाएं। साथ ही विश्वविद्यालय कैंपस पर आरएसएस के लोगों के द्वारा व्याप्त एकाधिकार को समाप्त किया जाएं और नियुक्तियों में आरएसएस के छात्र संगठनों के लोगों की एकतरफा बहाली को अविलंब रोका जाएं। उन्होंने मांग की है कि बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में आरएसएस से जुड़े कुलपतियों और शिक्षकों की बहाली धड़ल्ले से जारी है। इस पर अविलंब रोक लगाया जाएं। इन्हीं मुद्दों के खिलाफ एनएसयूआई लगातार संघर्ष करती आ रही है और जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री स्टूडेंट कॉन्क्लेव के नाम पर पटना आए थे तो उन तक अपनी बात पहुंचाने हम पहुंचे थे लेकिन वहां भाजपा संगठन से जुड़े लोगों ने लोकतांत्रिक विरोध प्रक्रिया को तानाशाही तरीके से मारपीट कर दबाने का काम किया। यह संघर्ष अनवरत जारी रहेगा। एनएसयूआई पूरे बिहार में अपने शीर्ष नेतृत्व के साथ मिलकर बेहतर शैक्षणिक माहौल और छात्रों को नौकरियों में अवसर प्रदान करने को संघर्ष करती रहेगी। पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ के उपाध्यक्ष पद के पूर्व प्रत्याशी प्रकाश तिवारी ने कहा कि एनएसयूआई छात्र हितों के वाजिब मांगों को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पास पहुंचाने के लिए लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराया लेकिन छात्रों के भलाई के विरोधी लोगों ने दमनात्मक तरीके से इस मामले को कुचलने का प्रयास किया इसमें हमें गंभीर चोट भी आई लेकिन एनएसयूआई ऐसे तानाशाही संगठनों के खिलाफ संघर्ष करती रहेगी। विश्वविद्यालय में व्याप्त कुव्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ हम लगातार लड़ते रहेगें। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया पैनलिस्ट पंकज यादव ने कहा कि गांधी संग्रहालय के सामने गांधीवादी तरीके से एनएसयूआई के छात्र नेताओं ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत छात्र हितों में अपना विरोध दर्ज कराया लेकिन गोडसेवादी मानसिकता के लोगों ने अपनी तानाशाही रवैय्ये से दमनात्मक व्यवहार कर हिंसक रूप से छात्रनेताओं के साथ व्यवहार किया जिसकी हम कड़े शब्दों में भर्त्सना करते हैं।

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