जहानाबाद में उत्पाद विभाग की टीम पर ग्रामीणों का हमला, ईट पत्थरों से मारा, 6 जवान घायल
जहानाबाद। बिहार में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए लगातार अभियान चला रहे उत्पाद विभाग की टीम पर गुरुवार की सुबह ग्रामीणों ने हमला कर दिया। यह घटना जहानाबाद जिले के घोसी थाना क्षेत्र अंतर्गत शेखपुरा नट टोली की है, जहां छापेमारी के लिए पहुंची उत्पाद विभाग की टीम पर अचानक ईंट और पत्थरों से हमला किया गया। इस हमले में लगभग आधा दर्जन जवान घायल हो गए, जबकि विभाग की एक गाड़ी के शीशे भी टूट गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पुलिस को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्पाद विभाग की टीम अहले सुबह शेखपुरा नट टोली में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ छापेमारी करने पहुंची थी। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद से उत्पाद विभाग जिले के विभिन्न गांवों में नियमित रूप से अभियान चला रहा है। इसी क्रम में गुरुवार तड़के टीम जैसे ही गांव में दाखिल हुई, कुछ ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते ग्रामीणों की संख्या बढ़ गई और आक्रोशित लोगों ने टीम पर ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। टीम के जवान अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। पत्थरबाजी में कई जवानों को चोटें आईं। हालात बिगड़ते देख उत्पाद विभाग की टीम को पीछे हटना पड़ा। जब टीम वहां से निकलने लगी तो ग्रामीणों ने गाड़ी को भी निशाना बनाया, जिससे वाहन के शीशे टूट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पत्थरबाजी इतनी तेज थी कि कुछ देर के लिए पूरा इलाका रणक्षेत्र जैसा नजर आने लगा। घटना में घायल जवानों को तत्काल नजदीकी प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सकों के अनुसार, सभी घायल जवानों की हालत फिलहाल स्थिर है, हालांकि कुछ को सिर और हाथ-पैर में चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और अन्य बल मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया, ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो। उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि शेखपुरा नट टोली इलाके में अवैध शराब का निर्माण और बिक्री हो रही है। इसी सूचना के आधार पर छापेमारी की योजना बनाई गई थी। अधिकारियों का कहना है कि शराब माफिया और उनके समर्थकों द्वारा अक्सर इस तरह की हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया जाता है, ताकि सरकारी कार्रवाई को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि हमला पूरी तरह से पूर्व नियोजित प्रतीत होता है। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हमले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस आसपास के इलाकों में छापेमारी कर रही है और पत्थरबाजी करने वालों को चिन्हित करने के लिए स्थानीय लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी चिंता जताई गई है। अधिकारियों का कहना है कि शराबबंदी कानून को लागू करने के दौरान कर्मचारियों पर हमले गंभीर विषय हैं और इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाओं से सरकारी कार्रवाई रुकेगी नहीं और अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान पहले की तरह जारी रहेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व गांवों में अवैध शराब के धंधे से जुड़े हुए हैं और छापेमारी होने पर वे ग्रामीणों को उकसाकर सरकारी टीम पर हमला करवाते हैं। वहीं प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों की सूचना पुलिस या उत्पाद विभाग को दें। फिलहाल शेखपुरा नट टोली और आसपास के इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। पूरे मामले की जांच जारी है। उत्पाद विभाग और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घायल जवानों के ठीक होते ही दोबारा अभियान चलाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


