January 29, 2026

विधानसभा में पूरी हुई लालू-नीतीश की मांग,जातीय जनगणना संबंधित विधेयक पारित,लालू तथा नीतीश दोनों ही…..

पटना।(बन बिहारी)बिहार विधानसभा में जातीय जनगणना संबंधित प्रस्ताव पारित हो गया है।लंबे अर्से से राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद जातीय जनगणना के लिए जोर देते रहे हैं। कुछ दिनों पूर्व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी जातीय जनगणना पर अपनी सहमति जताई थी।आज विधानसभा के चालू सत्र में इससे संबंधित प्रस्ताव भी पारित हो गया।गौरतलब तथ्य यह है कि एनपीआर-एनआरसी के बाद अब जातीय जनगणना का प्रस्ताव भी जदयू-राजद के परस्पर सहमती से पारित हुआ। बिहार विधानसभा ने केंद्र सरकार की मुसिबतें बढ़ाने वाला एक और प्रस्ताव पारित कर दिया। विधानसभा में आज प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से जातीय जनगणना कराने की मांग की गयी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर ये प्रस्ताव पारित किया गया।बिहार विधानसभा की बैठक आज हंगामेदार थी। आरजेडी के विधायक मंत्री प्रेम कुमार के बयान पर  आक्रोशित  होकर हंगामा कर रहे थे।इसी बीच ये प्रस्ताव रखा गया कि केंद्र सरकार 2021 की जनगणना में जातीय जनगणना को भी शामिल करे। प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया।देश में जातीय जनगणना की मांग लालू यादव से लेकर नीतीश कुमार की पुरानी मांग रही है।हालांकी केंद्र में यूपीए की मनमोहन सरकार थी तथा लालू प्रसाद यादव उसके हिस्सा थे।लेकिन तब उन्होंने जातीय जनगणना पर ज्यादा दवाब नहीं दिया था। केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बाद लालू यादव ने इस मुद्दे को उठाया। 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में यह राजद का प्रमुख मुद्दा था।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी 2015 से ही जातीय जनगणना की मांग के पक्षधर हो गये।उन्होंने भी कई मौकों पर जातीय जनगणना की मांग की। इस साल बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और चुनाव में जातीय समीकरण का महत्व आसानी से समझा जा सकता है। इसलिए विधानसभा से इसका प्रस्ताव पारित कर दिया गया।

You may have missed