चिकित्सकों तथा पारा मेडिकल कर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया में बरती जाए पूरी पारदर्शिता : कांग्रेस

पटना। बिहार में चिकित्सकों तथा पारा मेडिकल कर्मियों की नियुक्ति को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि नियुक्तियों में पूरे प्रदेश की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया कमेटी के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने कहा कि ऐसा ना हो कि सिर्फ नालंदा जिला के डॉक्टरों तथा हेल्थ वर्करों की बहाली हो जाए। उन्होंने कहा कि इसके पूर्व नीतीश सरकार के द्वारा किए गए बहालियों में नालंदा कनेक्शन सामने आया है, इसलिए नियुक्ति प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने की मांग की है।
उन्होंने कहा है कि आज पूरा बिहार कोरोना महामारी के चपेट में है। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था कोरोना महामारी के सामने पंगु साबित हो गई है। देर से ही सही सरकार ने चिकित्सकों तथा पारा मेडिकल कर्मियों की भर्ती संबंधी निर्णय तो लिया है। मगर इस भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखना सरकार के लिए चुनौती है। राठौड़ ने कहा है कि इन नियुक्तियों को राज्य सरकार में व्याप्त माफियाओं के प्रभाव से अलग रखने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस की बहाली में नालंदा कनेक्शन सामने आया था। जिसके बाद सरकार की नियुक्ति प्रणाली पर सवाल खड़े किए गए थे। इसलिए मेडिकल कर्मियों की नियुक्ति पर सरकार के द्वारा नियुक्ति उपरांत श्वेत पत्र जारी करने का भी प्रावधान सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार में चिकित्सकों तथा पारा मेडिकल कर्मियों की नियुक्ति बहुत पूर्व में ही हो जानी चाहिए थी, मगर बिहार सरकार में व्याप्त नियुक्ति माफियाओं के कारनामों के कारण ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि बिहार में नियुक्तियों के नाम पर बड़े रैकेट चलते हैं। जिस कारण सही समय पर-सही पैमाने पर नियुक्तियां नहीं हो पाती है। ऐसे में वर्तमान परिस्थिति से राज्य सरकार को सबक लेना चाहिए।

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