बिहार में बदला मौसम का मिजाज, आंधी-बारिश और वज्रपात से जनजीवन प्रभावित
- कई जिलों में तेज बारिश और आकाशीय बिजली से मौतें, दर्जनों लोग घायल
- 25 जिलों में अलर्ट जारी, फसलों को भारी नुकसान से किसान चिंतित
पटना। पटना समेत पूरे बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शुक्रवार से शुरू हुए मौसम परिवर्तन का असर शनिवार तक देखने को मिल रहा है। कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं आकाशीय बिजली गिरने से कई लोगों की जान चली गई है और कई घायल हो गए हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के 25 जिलों में बारिश और तेज हवा को लेकर अलर्ट जारी किया है। शनिवार सुबह बेतिया और बगहा में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि सीवान, सारण, जहानाबाद और पटना में हल्की बारिश होती रही। इससे पहले शुक्रवार को राजधानी पटना समेत 15 जिलों में तेज आंधी और बारिश हुई थी। छह शहरों में ओले भी गिरे, जिससे मौसम में अचानक ठंडक आ गई। हालांकि इस बदलाव ने कई जगह तबाही भी मचाई है। गयाजी जिले में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। डुमरिया प्रखंड के छकरबंधा थाना क्षेत्र में किसान महेंद्र यादव खेत में काम कर रहे थे, तभी तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हुई और बिजली गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पास में बंधी उनकी भैंस भी इस हादसे की चपेट में आकर मर गई। दूसरी घटना वजीरगंज थाना क्षेत्र के कोल्हना गांव में हुई, जहां 50 वर्षीय किसान मनोज कुमार सिंह की वज्रपात से जान चली गई। वे खेत से लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। जमुई जिले के चकाई क्षेत्र में भी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 15 वर्षीय छात्रा रागिनी की मौत हो गई। वहीं पटना के मोकामा के चिंतामणिचक टाल इलाके में ठनका गिरने से 10 मजदूर घायल हो गए। ये सभी मजदूर खेत में फसल काट रहे थे। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। इसके अलावा पटना और मुजफ्फरपुर में ताड़ के पेड़ों पर बिजली गिरने से पेड़ों में आग लग गई। कई इलाकों में तेज हवा के कारण पेड़ों की शाखाएं टूट गईं और बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई। मौसम विभाग के अनुसार चार जिलों में तेज बारिश और वज्रपात को लेकर नारंगी चेतावनी जारी की गई है, जहां हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। वहीं 21 जिलों में हल्की बारिश और आंधी को लेकर पीली चेतावनी दी गई है। अगले 48 घंटे में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट की संभावना जताई गई है। इस अचानक बदले मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। भागलपुर जिले के बिहपुर प्रखंड में तेज आंधी और बेमौसम बारिश से गेहूं और मक्का की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि आम और लीची के पेड़ों से फल झड़ गए हैं, जबकि खड़ी फसल बर्बाद हो गई है। बेगूसराय जिले में भी ओलावृष्टि और तेज हवा से करीब 1000 एकड़ में लगी गेहूं की फसल नष्ट हो गई है। खेतों में पानी भर जाने से स्थिति और गंभीर हो गई है। मधेपुरा, बक्सर और गोपालगंज में भी फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। राजधानी पटना में भी मौसम का असर स्पष्ट रूप से देखा गया। शुक्रवार शाम से ही तेज हवाएं और बारिश का दौर शुरू हो गया था, जो देर रात तक जारी रहा। शनिवार सुबह बादल छाए रहे और कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई। हालांकि तापमान में गिरावट के कारण लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और एक सक्रिय ट्रफ रेखा मुख्य कारण है। दिन में बढ़ती गर्मी के कारण वातावरण में अस्थिरता बढ़ रही है, जिससे अचानक बादल बन रहे हैं और आंधी-बारिश की स्थिति उत्पन्न हो रही है। बिहार में मौसम का यह अचानक बदलाव जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत दे रहा है, वहीं दूसरी ओर जान-माल और फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।


