January 28, 2026

पटना में खुले में कचरा फेंकने पर खैर नही, 500 से लेकर 5000 रुपए तक जुर्माना, चलेगा अभियान

पटना। नगर निगम ने स्वच्छता को लेकर एक सख्त कदम उठाते हुए खुले में कचरा फेंकने वालों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। इसके तहत अब कोई भी व्यक्ति अगर सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाते हुए पाया गया तो उस पर 500 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। यह अभियान “स्वच्छता पखवाड़ा” के तहत शुरू किया गया है, जिसकी शुरुआत आज से की गई है।
स्वच्छता पखवाड़ा की शुरुआत और उद्देश्य
स्वच्छ भारत मिशन और आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 को ध्यान में रखते हुए पटना नगर निगम ने यह पखवाड़ा शुरू किया है। इसका उद्देश्य शहर को साफ-सुथरा बनाना और नागरिकों में सफाई को लेकर जागरूकता फैलाना है। यह अभियान 15 जुलाई तक चलाया जाएगा, जिसमें न सिर्फ लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई जाएगी, बल्कि सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई के लिए विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
कचरा फेंकने वालों की होगी पहचान
नगर निगम ने यह तय किया है कि जो भी व्यक्ति या संस्था शहर की सुंदरता को नुकसान पहुंचाएंगे, उनका नाम ‘ब्लैक लिस्ट’ में दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही उन पर आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा। निगरानी समितियों को भी सक्रिय किया गया है, जो शहर के हर कोने में नजर रखेंगी और गंदगी फैलाने वालों की पहचान करेंगी। विशेष रूप से नगर निगम का फोकस उन इलाकों पर रहेगा जहां लोग कचरा खुले में फेंकने की आदत से बाज नहीं आ रहे हैं।
सभी 75 वार्डों में होंगे कार्यक्रम
स्वच्छता पखवाड़े के दौरान शहर के सभी 75 वार्डों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें वार्ड पार्षद, सफाईकर्मी, स्कूली छात्र और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके तहत लोगों को बताया जाएगा कि घर से निकला कचरा कैसे अलग-अलग किया जाए, गीला और सूखा कचरा अलग रखना क्यों जरूरी है, और कचरा प्रबंधन में नगर निगम की क्या भूमिका है।
शहर के 19 प्रमुख स्थानों पर होंगे विशेष आयोजन
पटना नगर निगम द्वारा इस अभियान के तहत शहर के 19 प्रमुख स्थानों पर विशेष स्वच्छता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए आम लोगों को न केवल जानकारी दी जाएगी, बल्कि उनसे यह अपेक्षा की जाएगी कि वे खुद भी गंदगी रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएं। नागरिकों को शहर को स्वच्छ रखने की शपथ भी दिलाई जाएगी।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 की तैयारी
स्वच्छता पखवाड़ा केवल एक सफाई अभियान नहीं, बल्कि पटना को बेहतर रैंकिंग दिलाने की दिशा में एक ठोस प्रयास है। पिछली बार पटना को केवल 1 स्टार रेटिंग मिली थी, लेकिन इस बार नगर निगम को उम्मीद है कि शहर को 3 स्टार रेटिंग मिलेगी। स्वच्छता सर्वेक्षण का परिणाम जुलाई के तीसरे सप्ताह यानी 20 से 22 तारीख के बीच आ सकता है।
बेहतर रेटिंग से मिलेगा केंद्रीय और राज्यीय लाभ
अगर पटना को इस बार 3 स्टार रेटिंग मिल जाती है, तो नगर निगम को केंद्र और राज्य सरकारों से आर्थिक अनुदान समेत अन्य विकासात्मक योजनाओं में प्राथमिकता मिलेगी। यही वजह है कि नगर निगम कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता।
जनभागीदारी से ही संभव है स्वच्छ पटना
नगर निगम का यह अभियान तभी सफल होगा जब शहरवासी स्वयं इसमें भाग लें। स्वच्छता केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे में अगर हर व्यक्ति यह ठान ले कि वह कचरा खुले में नहीं फेंकेगा, तो पटना को साफ और सुंदर शहर बनने से कोई नहीं रोक सकता।

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