मांझी के बयान पर बोले बीजेपी अध्यक्ष, कहा- एनडीए में कोई नाराजगी नहीं, मजबूती से चुनाव लड़ेंगे
पटना। बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है, जब हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बयान से गठबंधन में मतभेद की अटकलें लगाई जाने लगीं। मांझी ने हाल ही में अपने बयानों से यह संकेत देने की कोशिश की कि एनडीए में उनके साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है और वे विधानसभा की 40 सीटों पर दावेदारी की बात भी कर चुके हैं। इस मुद्दे पर अब भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने प्रतिक्रिया दी है और साफ किया है कि एनडीए गठबंधन पूरी तरह से एकजुट है।
मांझी को लेकर बीजेपी अध्यक्ष की सफाई
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने मांझी की नाराजगी की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि जीतन राम मांझी बहुत खुश हैं और गठबंधन में किसी तरह की कोई नाराजगी नहीं है। उन्होंने कहा कि मांझी जी तो उनसे भी ज्यादा खुश हैं और आज सुबह ही उनकी मुलाकात हुई, जिसमें उन्होंने अपने संतोष और समर्थन की बात कही। जायसवाल ने कहा कि गठबंधन में कोई मतभेद नहीं है और सभी दल मिलकर बिहार विधानसभा चुनाव को मजबूती से लड़ने जा रहे हैं।
तेजस्वी यादव के गठबंधन पर तंज
दिलीप जायसवाल ने विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि यह गठबंधन पूरी तरह से बेमेल है। उन्होंने कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के रिश्तों को ‘तराजू पर मेंढक’ की संज्ञा दी और कहा कि एक उधर से उछलता है, तो दूसरा इधर से। उनका मानना है कि कांग्रेस यहां बड़ी भूमिका निभाना चाहती है, लेकिन आरजेडी कभी भी उन्हें वह जगह नहीं देगी। ऐसे में यह गठबंधन अंदर से कमजोर है और इसका कोई स्थायी स्वरूप नहीं बन सकता।
पशुपति पारस के एनडीए छोड़ने पर प्रतिक्रिया
पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख पशुपति कुमार पारस के एनडीए छोड़ने पर दिलीप जायसवाल ने कहा कि एनडीए का गठबंधन लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास से है, न कि उस पार्टी से जिसे पारस चला रहे हैं। उन्होंने पारस की पार्टी से खुद को अलग करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि बीजेपी का रिश्ता चिराग पासवान के नेतृत्व वाली एलजेपी से ही है।
ममता बनर्जी पर भी निशाना
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी आड़े हाथों लिया और उन्हें अपनी आदत सुधारने की चेतावनी दी। उन्होंने ममता बनर्जी के बयानों और राजनीतिक व्यवहार को अनुशासनहीन बताते हुए कहा कि उन्हें अपने तौर-तरीकों में सुधार करना चाहिए।
एनडीए की एकजुटता का दावा
इन सभी बयानों के बीच दिलीप जायसवाल ने पूरे आत्मविश्वास के साथ यह दावा किया कि एनडीए गठबंधन बिहार में पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ बयान जरूर सामने आते हैं, लेकिन वह केवल व्यक्तिगत भावनाओं का हिस्सा होते हैं, गठबंधन की नीति और दिशा पर उसका कोई असर नहीं पड़ता। बिहार की राजनीति में बयानबाजी और दावों का सिलसिला जारी है, लेकिन बीजेपी नेतृत्व फिलहाल अपने गठबंधन को एकजुट और मजबूत दिखाने की हर संभव कोशिश कर रहा है। मांझी के बयानों से उपजे विवाद पर सफाई देते हुए दिलीप जायसवाल ने जिस स्पष्टता से अपनी बात रखी, उससे यह संकेत जरूर मिलता है कि एनडीए आगामी चुनावों में अपनी एकता को लेकर सजग और सतर्क है।


