श्रावणी की शुरुआत से पहले सुल्तानगंज में व्यवस्था बदहाल : महिलाओं के लिए नही बने चेंजिंग रूम और शौचालय, विश्राम गृह में बिजली नहीं
पटना। कोरोना काल की वजह से दो साल बाद एक बार फिर से श्रावणी मेले की शुरुआत हो रही है। भागलपुर जिले के सुलतानगंज स्थित उत्तर वाहिनी गंगा नदी में स्नान कर, लाखों श्रद्धालु हर साल जल लेकर देवघर प्रस्थान करते हैं। इसको लेकर तैयारी पिछले एक महीने से की जा रही थी। हालांकि, भूमि तौर पर तैयारी अभी भी चौपट ही नजर आ रही है। घाट पर महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए न तो एक भी चेंजिंग रूम है, न ढंग का शौचालय। साथ ही विश्राम गृह में पंखे तो लटका दिए गए हैं, लेकिन बिजली का कनेक्शन नहीं है। ऐसे में महिलाएं मजबूरी में खुले में कपड़े बदलती हैं और विश्राम गृह में भी श्रद्धालु भीषण गर्मी में ही बिना पंखे के विश्राम करते हैं। बताया जा रहा हैं कि घाट पर महिलाओं के स्नान करने के बाद कपड़े बदलने के लिए कोई चेंजिंग रूम नहीं बनवाया गया है। इसकी वजह से उन्हें खुले में ही किसी तरह कपड़े बदलने पड़ते हैं। रंजना ने कहा कि वो पिछले कई सालों से कांवर उठाने कोलकाता से सुल्तानगंज आती है। उन्होंने इसको लेकर दो साल पहले भी शिकायत की थी, लेकिन इस साल भी व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुई। साथ ही उन्होंने कहा कि घाट पर महिलाओं के लिए कोई शौचालय भी नहीं है। निजी शौचालय बनाए गए हैं। वो 10 रुपए लेते हैं बावजूद सफाई नहीं रहती है।
विश्राम गृह में पंखा हैं पर बिजली नहीं
इसके साथ ही यहां गर्मी बहुत ज्यादा पड़ रही है। जिसके लिए वो विश्राम गृह में आराम कर रहे हैं, लेकिन कमरे में ऊपर पंखा तो लगा है मगर बिजली कनेक्शन नहीं होने से चल नहीं रहा है। इसकी वजह से गर्मी में ही आराम कर रहे है। वहीं वहां मौजूद दूसरी महिला कांवरियां ने कहा कि यहां पर महिलाओं के लिए कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रूम होना चाहिए था। अब मैं सोच रही हूं कि स्नान करने के बाद कहां कपड़े बदलूं, सरकार ने तो इसके लिए कुछ व्यवस्था नहीं की है।
गुरुवार से श्रावण मेले की होगी शुरुआत
गुरुवार से श्रावण मेले की शुरुआत होने वाली है। जहां देश भर के अलग-अलग राज्यों से कांवरियां एक बार फिर से दो साल बाद कांवर उठाने पहुंचेंगे। पिछले दो सालों तक कोरोना की वजह से श्रावणी मेले का आयोजन नहीं हुआ था। इसके बाद फिर से उम्मीद जताई जा रही है कि श्रावण की शुरुआत के साथ शिव भक्तों का जनसैलाब आएगा।


