पथ निर्माण विभाग की तरह कहीं भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग से भी हाथ ना धो बैठे डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा!
पटना। भूमि सुधार तथा राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार तथा सरकारी अधिकारियों की लालफीता शाही के खिलाफ फुल एक्शन मोड में डिप्टी सीएम विजय कुमार सिंह बड़ी कार्रवाई करने की दिशा में कमर कर चुके हैं.वहीं दूसरी तरफ राजस्व सेवा संघ की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा,जो भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग के भी मंत्री हैं,पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं.साथ ही सामूहिक बहिष्कार की धमकी भी दी गई है.सीएम नीतीश कुमार को पत्र लिखकर अंचलाधिकारियों के संघ ने सार्वजनिक अपमान का आरोप लगाया है.इस पत्र के बाद अगर मुख्यमंत्री इस मामले में दखल देते हैं.तो दो ही बात संभव है,या तो विजय कुमार सिन्हा से मुख्यमंत्री के द्वारा विभाग वापस ले लिया जाएगा.या फिर पहली बार 20 वर्षों में सीएम नीतीश कुमार को बिहार के राजनीति में अपने कद का एहसास होगा.दूसरी बात की संभावना कम है.क्योंकि फिलहाल भाजपा सिर्फ विजय कुमार सिन्हा के चलते नीतीश कुमार से अपने संबंध बिगड़ने का पहला नहीं करेगी.क्योंकि केंद्र में भी जदयू के 12 सांसदों के बदलते एनडीए की मोदी सरकार चल रही है. ऐसे में चर्चा इस बात की भी चल रही है कि अगर विजय कुमार सिन्हा इसी प्रकार से विभागीय क्रियाकलापों में आक्रामक रुक अख्तियार किए रहें.तो जिस प्रकार 2025 के मार्च में उनसे पथ निर्माण विभाग बगैर जानकारी दिए बदल दिया गया था.कहीं इस प्रकार भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग भी उनसे लेकर भाजपा के ही किसी दूसरे मंत्री को ना दे दिया जाए.उल्लेखनीय है कि विजय कुमार सिन्हा 2020 से 25 तक के सीएम नीतीश कुमार के मंत्रिमण्डल में जनवरी 2024 के बाद से डिप्टी सीएम थे. खनन विभाग के साथ-साथ पथ निर्माण विभाग विजय कुमार सिन्हा के पास था.लेकिन पथ निर्माण विभाग में कुछेक कंपनियों के खिलाफ लगातार विजय कुमार सिन्हा के आक्रामक तेवर को देखते हुए कहा जाता है कि जदयू की पहल पर भाजपा के द्वारा स्वयं उनके विभाग को बदल देने की स्वीकृति दी गई थी. जिसके बाद पथ निर्माण विभाग उनसे लेकर नितिन नवीन को दे दिया गया था. वहीं दूसरी तरफ उन्हें कृषि विभाग का मंत्री बनाया गया था.डिप्टी सीएम का दर्जा उनके पास बना रहा था. लेकिन इस बार विधानसभा का गणित भाजपा के पक्ष में है.इसलिए इतनी आसानी से डिप्टी सीएम के विभाग के साथ छेड़छाड़ जदयू के लिए संभव नहीं दिखता है.लेकिन अगर जदयू इसके लिए दबाव बनाती है.तो भाजपा को भी संसदीय राजनीति के गणित को देखते हुए जदयू की बात पर गौर करना पड़ सकता है. ऐसे में राजस्व सेवा संघ के द्वारा सीएम नीतीश कुमार को लिखे गए पत्र के बाद भूमि सुधार तथा राजस्व विभाग तथा डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के अनिल कुमार के नायक मूवी वाले छवि पर केंद्रित इस नई राजनीतिक पारी का क्या हस्र होगा.यह देखना और भी दिलचस्प होगा.


