August 29, 2025

वैष्णो देवी लैंडस्लाइड: 31 के पार हुआ मृतकों का आंकड़ा, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, कई दबे, संख्या बढ़ने का अनुमान

कटरा। जम्मू-कश्मीर के कटरा में स्थित विश्वप्रसिद्ध वैष्णो देवी धाम मंगलवार को एक बड़े हादसे का गवाह बना। अर्धकुमारी से कुछ दूरी पर इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास पुराने ट्रैक पर दोपहर करीब 3 बजे अचानक पहाड़ से भारी मात्रा में चट्टानें, पेड़ और मलबा गिर पड़ा। इस भूस्खलन में अब तक 31 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 23 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं और कई अन्य लापता बताए जा रहे हैं। हादसा इतना भीषण था कि कई श्रद्धालु पत्थरों और मलबे में दब गए। चश्मदीदों के अनुसार, कुछ ही मिनटों में क्षेत्र का पूरा रूप बदल गया और अफरातफरी मच गई। भारी बारिश को इस आपदा की प्रमुख वजह माना जा रहा है। पिछले 24 घंटों में जम्मू क्षेत्र में हुई रिकॉर्ड बारिश ने भूस्खलन की स्थिति और भयावह बना दी। मंगलवार को सिर्फ छह घंटे में जम्मू जिले में 22 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है। जम्मू शहर में मात्र एक दिन में 250 मिमी से अधिक बारिश होने से जगह-जगह बाढ़ जैसे हालात बन गए। कई घरों और खेतों में पानी भर गया, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। झेलम नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है और 22 फीट पार होने के बाद दक्षिण कश्मीर में बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया गया है।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रा को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है। नॉर्दर्न रेलवे ने भी एहतियात के तौर पर जम्मू-कटरा मार्ग पर चलने वाली 22 ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि 27 ट्रेनों का आंशिक संचालन किया जा रहा है। हालांकि, कटरा-श्रीनगर रेल सेवाएं अभी जारी हैं। प्रशासन और राहत एजेंसियां युद्धस्तर पर बचाव कार्य में जुटी हैं। अब तक केवल जम्मू जिले में ही 3500 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में कई राहत शिविर और बचाव केंद्र स्थापित किए हैं, जिनमें अधिकतर लोगों को जम्मू के यूथ हॉस्टल में ठहराया गया है। सेना और आपदा प्रबंधन बल (NDRF) मिलकर अभियान चला रहे हैं। स्थिति को संभालने के लिए इलाके को तीन हिस्सों में बांटा गया है। एक टीम अर्धकुमारी में, दूसरी कटरा-ठक्कड़ कोट रोड पर और तीसरी जौरियन क्षेत्र में राहत-बचाव कार्य कर रही है। रियासी, रामबन, डोडा, बनिहाल और उधमपुर जैसे इलाकों में भी लगातार हल्की तेज़ बारिश होने से हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। भूस्खलन और बारिश की इस संयुक्त मार ने जम्मू-कश्मीर को गहरी चिंता में डाल दिया है। मृतकों और घायलों की संख्या और बढ़ने की आशंका है, क्योंकि मलबे से लोगों को निकालने का काम अभी जारी है। यह हादसा न केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करता है, बल्कि बार-बार हो रही प्राकृतिक आपदाओं के मद्देनज़र यात्रा प्रबंधन व ट्रैक सुरक्षा के पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता को भी उजागर करता है। कुल मिलाकर, वैष्णो देवी यात्रा फिलहाल अनिश्चितकाल के लिए रोक दी गई है और पूरा प्रशासन अपनी ऊर्जा बचाव व राहत कार्यों में केंद्रित कर रहा है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और दुख का माहौल है, जबकि पूरा देश इस भयावह त्रासदी से स्तब्ध है।

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