तेजस्वी को सीएम बनाने की ठान ली है आनंद मोहन के परिवार ने,लवली आनंद को भी मिला राजद का टिकट
पटना।विधानसभा चुनाव को लेकर यदुवंशी रघुवंशी भाई-भाई के तर्ज पर राजद के द्वारा जेल में बंद पूर्व बाहुबली सांसद आनंद मोहन के पुत्र चेतन आनंद को शिवहर से उम्मीदवार बनाया गया है।वहीं उनकी पत्नी लवली आनंद को सहरसा से उम्मीदवार बनाया गया है।ज्ञातव्य हो कि आनंद मोहन डीएम हत्याकांड में अभी जेल में बंद है।आनंद मोहन किसी जमाने में बाहुबली सवर्ण नेता समझे जाते थे।90 के दशक में लालू यादव की सरकार के खिलाफ सवर्णों की गोलबंदी का जमकर प्रयास आनंद मोहन ने किया था।बाद में आनंद मोहन भी एक बार लालू यादव के मदद से सांसद बने थे।तब आनंद मोहन ने गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला के पार्टी राजपा के टिकट पर संसद की दहलीज में कदम रखा था।2000 के विधानसभा चुनाव में भी आनंद मोहन के बिहार पीपुल्स पार्टी को प्रदेश में उस समय 324 विधानसभा क्षेत्र में करीब 2 दर्जन से अधिक सीटें भाजपा तथा समता पार्टी द्वारा दी गई थी।मगर आनंद मोहन की पार्टी के एक भी उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत सके थे।उसके बाद आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद राज्य में अन्य पार्टियों के बदौलत विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा चुकी है। मगर सफलता हासिल नहीं हुई।लवली आनंद भी पूर्व सांसद है।इस बार सीएम नीतीश कुमार के वादाखिलाफी से नाराज होकर आनंद मोहन का परिवार राजद के साथ है।सनद रहे कि डीएम हत्याकांड में जेल में बंद आनंद मोहन की रिहाई को लेकर उनके परिजनों तथा समर्थकों के द्वारा बड़े पैमाने पर राजनीतिक अभियान चलाया जा रहा है।इसी वर्ष पूर्व सांसद आनंद मोहन के भतीजे के शादी में सीएम नीतीश कुमार ने शिरकत किया था।तब ऐसा महसूस हुआ था कि आनंद मोहन के रिहाई संबंधित कुछ कदम उठाए जाएंगे।मगर ऐसा कुछ हुआ नहीं।नतीजतन लवली आनंद अपने पुत्र के साथ आज राजद के टिकट पर चुनाव लड़ रही है। इस विधानसभा चुनाव में लवली आनंद तथा उनके पुत्र चेतन आनंद को अपने स्वजातीय वोटों का कितना साथ मिलता है।यह भी देखने लायक होगा। 90 के दशक में आनंद मोहन के द्वारा किया गया लालू विरोध अब शायद इतिहास के पन्नों में दफन हो जाए क्योंकि आनंद मोहन के परिवार ने अब पूरी तरह से राजद सुप्रीमो लालू यादव के पुत्र तेजस्वी यादव का नेतृत्व तथा लालटेन को जलाने की बागडोर संभाल ली है।


