नीट छात्रा हत्याकांड पर तेजस्वी का हमला, कहा- हत्या का मामला भी नहीं सुलझा सकती ये भ्रष्टाचारी सरकार
पटना। नीट की तैयारी कर रही छात्रा की हत्या के मामले ने बिहार की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। इस मामले को लेकर राज्य सरकार ने जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपने का आग्रह केंद्र सरकार से किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार तड़के केंद्र से अपील की कि मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। हालांकि सरकार के इस फैसले पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश बताया है।
सीबीआई जांच के फैसले पर विपक्ष की नाराजगी
मामले को सीबीआई को सौंपे जाने के फैसले के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर जोरदार हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार की मंशा और प्रशासनिक क्षमता पर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि राज्य सरकार एक गंभीर अपराध की जांच खुद नहीं कर पा रही है और जिम्मेदारी से बचने के लिए सीबीआई का सहारा ले रही है। तेजस्वी का आरोप है कि यह फैसला न्याय दिलाने से ज्यादा राजनीतिक बचाव का जरिया है। उन्होंने कहा कि अगर बिहार का प्रशासन सक्षम होता तो इस तरह के जघन्य अपराध में दोषियों की पहचान और गिरफ्तारी अब तक हो जानी चाहिए थी।
सोशल मीडिया पर तीखा बयान
तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया संदेश में लिखा कि नीट छात्रा के दुष्कर्म और हत्या के मामले का खुलासा करने के बजाय सरकार ने जांच सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया, जिससे यह साबित होता है कि बिहार का प्रशासनिक ढांचा भ्रष्ट, अयोग्य और गैर-पेशेवर हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह सरकार एक बलात्कार और हत्या जैसे गंभीर मामले को भी सुलझाने में असमर्थ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार और उसकी पुलिस व्यवस्था से ज्यादा समस्या सत्तारूढ़ गठबंधन की बड़बोली राजनीति है, जो अपराध नियंत्रण के बड़े-बड़े दावे करती रहती है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात बदतर होते जा रहे हैं।
पुराने मामलों का हवाला
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में पुराने मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि कई मामलों में सीबीआई वर्षों तक जांच करने के बाद भी आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई। उन्होंने नवरुणा कांड जैसे उदाहरणों का हवाला देते हुए कहा कि बारह से तेरह साल बीत जाने के बावजूद न तो दोषियों की गिरफ्तारी हुई और न ही पीड़ित परिवार को न्याय मिला। तेजस्वी ने आशंका जताई कि नीट छात्रा हत्याकांड में भी यही स्थिति दोहराई जा सकती है। उनका कहना है कि जांच लंबी खिंच जाएगी और अंत में मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
जवाबदेही पर उठे सवाल
विपक्ष का सवाल है कि अगर राज्य की कानून-व्यवस्था इतनी मजबूत है, जैसा कि सरकार चुनावों के दौरान दावा करती है, तो फिर इस तरह के अपराध क्यों हो रहे हैं। तेजस्वी यादव ने पूछा कि बिहार की बिगड़ती कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने कहा कि हर चुनाव में जंगलराज का नारा देने वाले अब चुप क्यों हैं, जब राज्य में अपराध की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अक्सर सुर्खियां प्रबंधित करने के लिए बड़े फैसले लेती है, ताकि जनता का ध्यान असल मुद्दों से हटाया जा सके। उनके अनुसार, सीबीआई जांच का फैसला भी इसी रणनीति का हिस्सा है।
सरकार का पक्ष
दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच जरूरी है। इसी वजह से केंद्र से सीबीआई जांच की मांग की गई है। सरकार का तर्क है कि इससे न केवल पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा, बल्कि पूरे मामले की सच्चाई भी सामने आएगी। राज्य सरकार के अनुसार, स्थानीय स्तर पर जांच में किसी तरह का संदेह न रहे, इसलिए केंद्रीय एजेंसी को शामिल किया जा रहा है। सरकार यह भी कह रही है कि जांच एजेंसी को पूरा सहयोग दिया जाएगा।
राजनीति और न्याय की जंग
नीट छात्रा हत्याकांड अब केवल एक आपराधिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक संघर्ष का बड़ा मुद्दा बन चुका है। एक तरफ सरकार जांच को आगे बढ़ाने के लिए सीबीआई का सहारा ले रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष इसे प्रशासनिक विफलता का प्रमाण बता रहा है। इस पूरे विवाद के बीच सबसे अहम सवाल यही है कि पीड़ित छात्रा और उसके परिवार को कब और कैसे न्याय मिलेगा। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच आम लोग यही उम्मीद कर रहे हैं कि जांच निष्पक्ष हो और दोषियों को सख्त सजा मिले। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सीबीआई जांच से मामले में कितनी तेजी आती है और क्या सचमुच इस हत्याकांड की परतें खुल पाती हैं या नहीं।


