दिल्ली से पटना लौटे तेजस्वी यादव, मीडिया के सवालों पर साधी चुप्पी, पत्रकारों को नहीं दिया जवाब
पटना। बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव शनिवार को दिल्ली से वापस पटना लौट आए। हालांकि उनके लौटने पर मीडिया को उम्मीद थी कि वे चुनाव परिणाम, राजनीतिक स्थिति और आगामी विधानसभा सत्र से जुड़े सवालों पर कुछ बोलेंगे, लेकिन तेजस्वी ने एक बार फिर मीडिया से दूरी बनाए रखी। एयरपोर्ट पर मौजूद पत्रकारों ने उनसे कई बार सवाल पूछने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने बिना कुछ कहे फोन पर बात करते हुए एयरपोर्ट परिसर से बाहर निकलना ही उचित समझा।
लगातार 15 दिनों से मीडिया से दूरी
बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद से तेजस्वी यादव लगातार मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं। पिछले लगभग 15 दिनों से उन्होंने किसी भी प्रेस कॉन्फ्रेंस, बयान या मीडिया बातचीत में हिस्सा नहीं लिया है। जब वे कुछ दिनों पहले दिल्ली के लिए रवाना हुए थे, तब भी पत्रकारों ने उनसे सवाल करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। उनकी चुप्पी को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएँ चल रही हैं। कुछ का मानना है कि चुनावी हार के बाद वे आत्मविश्लेषण में जुटे हैं, जबकि कुछ इसे विपक्ष की रणनीतिक चुप्पी बताते हैं। हालांकि आधिकारिक रूप से तेजस्वी या राजद की ओर से मीडिया से दूरी बनाए रखने के पीछे कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों को नहीं दिया जवाब
शनिवार को जब तेजस्वी एयरपोर्ट पहुंचे, तो बड़ी संख्या में पत्रकार उनके इंतजार में मौजूद थे। विधानसभा के पहले सत्र से पहले महागठबंधन की रणनीति को लेकर मीडिया उनसे प्रतिक्रिया लेना चाहती थी। लेकिन तेजस्वी ने उन्हें निराश किया। वे फोन पर बात करते हुए कार तक पहुँचे और बिना किसी संवाद के रवाना हो गए। पत्रकारों ने कई बार उन्हें घेरने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने एक पल के लिए भी रुकना उचित नहीं समझा। यह लगातार तीसरी बार है जब पटना एयरपोर्ट पर तेजस्वी ने पत्रकारों से कोई बात नहीं की।
महागठबंधन की रणनीति बैठक का इंतजार
इधर जानकारी मिल रही है कि शनिवार को महागठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने वाली है। दोपहर पोलो रोड स्थित सरकारी आवास पर तेजस्वी यादव की अध्यक्षता में राजद के 25 नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक होगी। इस बैठक में विधानसभा के पहले सत्र, सरकार के सामने सवाल उठाने की तैयारी और विपक्ष की भूमिका पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद कांग्रेस और वामदलों के नव-निर्वाचित विधायक भी इसी स्थान पर पहुंचेंगे। इस संयुक्त बैठक में महागठबंधन की संयुक्त रणनीति पर अंतिम निर्णय लिए जाएंगे। माना जा रहा है कि विपक्ष सत्र में सरकार पर पूरी मजबूती के साथ हमला करने की तैयारी कर रहा है।
तेजस्वी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में चुना जा चुका है
राजद पहले ही तेजस्वी यादव को नेता प्रतिपक्ष चुन चुका है। बहुत जल्द इसकी औपचारिक अधिसूचना भी विधानसभा में दी जाएगी। विपक्ष की भूमिका को और प्रभावी बनाने के लिए यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राजद का कहना है कि जनता ने विपक्ष को मजबूत जिम्मेदारी सौंपी है और वे इसे मजबूती से निभाएंगे। तेजस्वी को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के बाद यह उनकी पहली महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक होगी, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वे मीडिया से बातचीत शुरू करेंगे या चुप्पी जारी रखेंगे।
चुनाव समीक्षा बैठकों का दौर जारी
विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद राजद लगातार समीक्षा बैठकों का आयोजन कर रहा है। शुक्रवार को पूर्णिया प्रमंडल के नेताओं और प्रत्याशियों की बैठक हुई जिसमें जीतने और हारने वाले दोनों उम्मीदवारों ने अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपी। इस बैठक में चुनाव के दौरान हुई गलतियों, भितरघात, स्थानीय समीकरणों और संगठनात्मक कमजोरी पर खुलकर चर्चा हुई। इससे पहले मगध और सारण प्रमंडल की समीक्षा बैठकें भी हो चुकी हैं और अब तक तीन प्रमंडलों से 300 से अधिक भितरघातियों की सूची प्रदेश नेतृत्व को सौंप दी गई है। इन बैठकों का उद्देश्य है कि पार्टी अपनी गलतियों को पहचानकर आगे की रणनीति तैयार कर सके। महागठबंधन की अगली बैठक में इन रिपोर्टों के आधार पर भी रणनीति को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
तेजस्वी की चुप्पी बनी चर्चाओं का विषय
तेजस्वी यादव की लगातार चुप्पी कई तरह के राजनीतिक संकेत दे रही है। एक ओर समर्थक मानते हैं कि वे पूरी मजबूती के साथ वापसी की योजना बना रहे हैं, लेकिन दूसरी ओर विपक्ष इसे उनकी असमंजस की स्थिति बता रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि विधानसभा सत्र के पहले उनकी चुप्पी रणनीतिक हो सकती है ताकि विपक्ष की तैयारी पर कोई असर न पड़े। दिल्ली से लौटने के बाद भी तेजस्वी यादव द्वारा मीडिया से दूरी बनाए रखना राजनीतिक चर्चाओं का विषय बना हुआ है। वहीं महागठबंधन की रणनीति बैठक से संकेत मिलते हैं कि आने वाले दिनों में विपक्ष आक्रामक रुख अपना सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि तेजस्वी कब मीडिया से संवाद शुरू करते हैं और विधानसभा सत्र में कौन-सी रणनीति अपनाते हैं।


