September 14, 2026

तीन साल के बाद खुलासा-अपहरण के बाद कर दी गई थी रोशन की हत्या, हत्यारे पति पत्नी की रफ्तार

फुलवारीशरीफ।पटना के सिपारा में रहकर लौंड्री चलाने वाले अरविन्द रजक के पुत्र रौशन की हत्या वर्ष 2017 में विशकर्मा पूजा के दिन ही कर दी गयी थी और लाश को ठिकाने लगाने के लिए पुनपुन नदी में फेंक दिया गया था।बेउर थानाधय्क्ष फूलचंद चौधरी के नेत्रित्व में इस ब्लाईंड अपरहण सह हत्याकांड की गुथी सुलझाते हुए हत्याकांड में शामिल हत्यारे पति पत्नी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।सिपारा निवासी अरविन्द रजक के बाईस वर्षीय पुत्र रौशन के अपहरण की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने उसके हत्यारे दुल्हिन बजार के डुमरी निवासी मनोज सिंह उर्फ़ मनोज यादव और उसकी पत्नी आशा देवी को मसौढ़ी से गिरफ्तार कर लिया गया है।गिरफ्तारी के बाद मनोज सिंह उर्फ़ मनोज यादव के स्वीकार किया है की रौशन का उसकी पत्नी आशा देवी के साथ नाजायज सम्बन्ध था।जिसके विरोध में उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर रौशन की हत्या कर दिया और लाश को पितावास पुल के निचे पुनपुन नदी में प्लास्टिक और तिरपाल में लपेट कर फेंक दिया था।इधर तीन साल बाद अपने गायब बेटे रौशन की हत्या हो जाने की जानकारी मिलते ही अरविन्द रजक के परिवार में कोहराम गया।परिवार के लोगों का रोते रोते बुरा हाल होने लगा।बता दें की रौशन के अचानक लापता हो जाने के बाद उसके पिता ने बेउर थाने में वर्ष 2017 में अज्ञात लोगो के खिलाफ अपहरण कर लिए जाने का प्राथमिकी दर्ज कराया था।

बेउर थानाधय्क्ष फूलचंद चौधरी ने बताया की सिपारा निवासी अरविन्द रजक के बेटे रौशन का गलत सम्बन्ध दुल्हिन बजार के डुमरी मूल निवासी और सिपरा में हरिश्चन्द्र नगर में रहने वाले मनोज सिंह उर्फ़ मनोज यादव के पत्नी के साथ हो गया था।जिसका मनोज बराबर बिरोध करता था लेकिन रौशन ने उसकी पत्नी आशा से रिश्ता बनाए रखा।2017 में अज्ञात लोगो के खिलाफ बेउर थाना में रौशन के अपहरण कर लिए जाने का प्राथमिकी 236/17 दर्ज होने के बाद से ही पुलिस टीम अनुसन्धान कर रही थी।इस काण्ड में अनुसन्धान के दौरान पता चला की हरिश्चंद्र नगर में रहने वाले मनोज की पत्नी के सह उसका अवैध सम्बन्ध था।पुलिस टीम ने जब मनोज को पकड़ा तो पहले तो उसके आनाकानी की लेकिन सख्ती के बाद उसने स्वीकार कर लिया की उसके रौशन की हत्या कर लाश को पुनपुन नदी में फेंक दिया था। थानेदार ने बताया की इस अवैध सम्बन्ध के चलते ही एक साजिश के तरह रौशन को मनोज की पत्नी ने अपने पास बुलाया तो उसका अपहरण करके हत्या के बाद पित्वांस पुल के निचे लाश को प्लास्टिक और तिरपाल में लपेट कर फेंक दिया गया।अब पुलिस उस इलाके और आस पास के थाना क्षेत्रो में रौशन के गायब होने के कुछ दिनों बाद नदी से किसी अज्ञात लाश की बरामदगी के बारे में छानबिन कर रही है ताकि अनुसन्धान पूरा हो सके।तीन सालों पहले नदी में फेंक डाली गयी लाश के बारे में पता लगाना पुलिस के सामने बड़ी चुनौती के रूप में आ खड़ी हुई है।

सिपारा में लौंड्री चलाने वाले रौशन के पिता अरविन्द रजक ने बताया की पहले वे लोग सिपारा में ही रहते थे।जहाँ उनकी लौंड्री दूकान में बगल के हरिश्चन्द्र नगर में रहने वाले मनोज की पत्नी आशा देवी कपडा प्रेस करवाने आती थी।उसी दौरान उसका संबध उनके बेटे रौशन के साथ हो गया था।मनोज सिंह उर्फ़ मनोज यादव पटना के खेतान मार्किट में ठेला चलाने का काम करता था।उनका सबसे बड़ा बेटा रौशन मसौढ़ी से बीए पार्ट वन की पढाई कर रहा था तभी वह एक दिन अचानक लापता हो गया।काफी खोजबीन के बाद उसके अपहरण का मामला दर्ज कराये थे।तीन साल बाद बेटे की हत्या हो जाने की खबर मिलते ही रौशन के मा बाल्मीनता देवी बेहोश हो गयी और पिता अरविन्द रजक बदहवाश होकर विलाप करने लगे।परसा में रहने वाले अरविन्द रजक के घर लोगो को भीड़ जमा हो गयी और रोते कल्पते परिजनो को लोग सम्भालने में लगे थे वहीँ रौशन के बाद उसकी बहन कविता और छोटा भाई संतोष का भी रो रो कर बुरा हाल हो गया।बार बार होश में आने पर बेटे का नाम लेकर छाती पीट विलाप करती माँ को आस पड़ोस की महिलाएं सँभालने में लगी रही।

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