January 28, 2026

तीन माह की बिजली बिल-तीन माह का स्कूल फीस माफ करे नीतीश सरकार,कांग्रेस प्रवक्ता ने की मांग

पटना।कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरों के मद्देनजर लगाए गए राष्ट्रव्यापी लॉक डाउन में सर्वाधिक पीड़ित निम्न मध्यम तथा मध्यम वर्ग के लोग हैं। बिहार प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा है कि सरकार ने गरीब वर्ग के लिए राहत की घोषणाएं तो की है मगर मध्यम वर्ग तथा निम्न मध्यम वर्ग के लोगों को प्रतिकूल आर्थिक हालातों का सामनाकरने के लिए अकेला छोड़ दिया गया है।ऐसे में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अगर राज्य के निवासियों का तीन माह का बिजली बिल तथा सभी सरकारी-प्राइवेट शैक्षणिक संस्थानों में तीन माह का फीस माफ करने की घोषणा कर देते तो आमजनों को होने वाली कठिनाइयों में कुछ कमी आती।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर लगाए गए लॉक डाउन के दौरान अभी तो ना बिजली बिल ही आ रहा है,ना ही स्कूल फीस वसूली जा रही हैं। मगर तीन महीना के बाद एक साथ अगर बिजली बिल तथा स्कूल की फीस की वसूली आरंभ हो जाएगी।तो आम गरीब मध्यमवर्ग की कमर टूट जाएगी।लॉक डाउन के चलते लोगों के पास काम काज है नहीं,प्रभावी आर्थिक मंदी के कारण निम्न मध्यम-मध्यमवर्ग के लोगों को जहां जीवन के मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए संसाधनों को जुटाने की चिंता खाए जा रही हैं।ऐसी स्थिति में तीन माह का बिजली बिल तथा तीन माह का स्कूल फीस दे पाने में उनकी असमर्थता को सरकार को समझना चाहिए। तीन माह का बिजली बिल माफ करना सरकार के हाथ में ही है।प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अगर चाहेंगे तो राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों को भी तीन माह की फीस माफ करने पड़ेगी।प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि राज्य के निवासियों के कष्टों को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अविलंब घोषणा कर देना चाहिए।उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि तीन माह के बिजली बिल तथा तीन माह के शैक्षणिक संस्थानों की फीस माफी की ऐलान करें।

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