मुजफ्फरपुर में डायल 112 के सैप जवान की संदिग्ध मौत, परिवार में मचा कोहराम
मुजफ्फरपुर। जिले से एक दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां डायल 112 सेवा में तैनात एक सैप जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जवान की अचानक हुई मौत से न सिर्फ उनके परिवार में कोहराम मच गया, बल्कि पुलिस महकमे में भी शोक की लहर दौड़ गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और मौत के वास्तविक कारणों का इंतजार पोस्टमार्टम रिपोर्ट से किया जा रहा है।
घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया
यह घटना मुजफ्फरपुर सदर थाना क्षेत्र के बीबीगंज, चित्रगुप्तपुरी मोहल्ले की है। यहीं अपने निजी आवास पर रह रहे डायल 112 के सैप जवान धीरज कुमार सिंह की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। धीरज कुमार सिंह की उम्र करीब 46 वर्ष बताई जा रही है। उनकी मौत की खबर जैसे ही फैली, पूरे मोहल्ले में मातमी सन्नाटा पसर गया। लोग इस बात से हैरान हैं कि जो व्यक्ति कुछ घंटे पहले तक ड्यूटी कर रहा था, उसकी अचानक इस तरह मौत कैसे हो गई।
ड्यूटी से लौटने के बाद बिगड़ी तबीयत
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, धीरज कुमार सिंह रोज की तरह देर रात अपनी ड्यूटी पूरी कर घर लौटे थे। घर पहुंचने के बाद उन्होंने भोजन किया और फिर आराम करने के लिए अपने कमरे में सोने चले गए। सब कुछ सामान्य लग रहा था। लेकिन कुछ समय बाद जब उनकी पत्नी उन्हें जगाने के लिए कमरे में गईं, तो वह अचेत अवस्था में पड़े मिले। पत्नी ने पहले उन्हें आवाज दी, फिर हिलाने की कोशिश की, लेकिन शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। इसके बाद घबराए परिजनों ने आसपास के लोगों को बुलाया और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जवान की मौत की पुष्टि कर दी गई।
सेना से सैप जवान बनने तक का सफर
धीरज कुमार सिंह मूल रूप से वैशाली जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के निवासी थे। उन्होंने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा देश सेवा में बिताया था। भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने बिहार पुलिस में सैप जवान के रूप में अपनी सेवाएं देना शुरू किया। वर्तमान में वह डायल 112 सेवा में सदर थाना के अंतर्गत तैनात थे। सेना और पुलिस दोनों में सेवा देने के कारण धीरज कुमार सिंह को एक अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति के रूप में जाना जाता था। उनके साथी जवान बताते हैं कि वह हमेशा समय पर ड्यूटी करते थे और अपने काम को पूरी ईमानदारी से निभाते थे।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
धीरज कुमार सिंह के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी हैं। दोनों बच्चे फिलहाल दिल्ली में रहकर पढ़ाई या नौकरी कर रहे हैं। मुजफ्फरपुर में जवान अपनी पत्नी के साथ ही रहते थे। अचानक हुई इस मौत से पत्नी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पति की मौत की खबर सुनते ही वह बदहवास हो गईं। वहीं, वैशाली स्थित उनके पैतृक गांव में भी शोक की लहर है। गांव में जैसे ही लोगों को यह सूचना मिली, परिजनों और रिश्तेदारों का घर पर तांता लग गया। हर कोई इस असमय मौत पर दुख और हैरानी जता रहा है।
पुलिस और एफएसएल टीम ने की जांच
घटना की सूचना मिलते ही सदर थानाध्यक्ष अस्मित कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सबसे पहले कमरे को सील कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम को भी बुलाया गया। एफएसएल टीम ने कमरे से आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए ताकि किसी भी संभावित पहलू को नजरअंदाज न किया जाए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी तरह के संघर्ष या बाहरी हस्तक्षेप के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि, हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि किसी भी तरह की आशंका को पूरी तरह खारिज किया जा सके।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
सदर थानाध्यक्ष अस्मित कुमार ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर यह मामला हार्ट अटैक का प्रतीत होता है। इसके बावजूद पुलिस ने कोई निष्कर्ष निकालने से पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने का फैसला किया है। शव को कब्जे में लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा। यदि किसी तरह की संदिग्ध बात सामने आती है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
साथियों में शोक की लहर
धीरज कुमार सिंह की मौत की खबर मिलते ही सदर थाना और डायल 112 टीम के जवानों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके सहकर्मियों ने उन्हें एक शांत, मिलनसार और जिम्मेदार व्यक्ति बताया। कई जवान उनके आवास पर पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधाते नजर आए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। वहीं, परिवार और सहकर्मी इस असमय मौत से उबरने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन धीरज कुमार सिंह की कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।


