नोएडा में छात्रा की संदिग्ध मौत, 28वीं मंजिल से गिरने से गई जान
- कोई आत्महत्या पत्र नहीं मिला, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
- परिवार और सोसाइटी में शोक का माहौल, मानसिक तनाव की आशंका
नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित सेक्टर-32 की अमौर सोसाइटी में शनिवार रात एक 22 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। छात्रा का शव 28वीं मंजिल से गिरने के बाद सोसाइटी परिसर में पाया गया। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और परिवार सहित स्थानीय लोगों में शोक का माहौल है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और अभी तक मौत के कारणों को लेकर कोई स्पष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आया है। मृतका की पहचान अर्पिता जायसवाल के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के मुंडेरवा गांव की निवासी थीं। वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही थीं और हाल ही में पंजाब से नोएडा आई थीं। जानकारी के अनुसार, अर्पिता अपने परिवार के साथ अमौर सोसाइटी के 28वें तल पर स्थित फ्लैट में रह रही थीं। परिवार के सभी सदस्य एक साथ भोजन कर रहे थे। भोजन के बाद कुछ समय तक बातचीत हुई और फिर सभी अपने-अपने कमरों में सोने चले गए। रात लगभग 12 बजकर 20 मिनट पर अचानक एक तेज आवाज सुनाई दी, जिससे परिवार और सोसाइटी के अन्य लोग चौंक गए। जब लोग बाहर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि छात्रा खून से लथपथ अवस्था में जमीन पर पड़ी है। घटना की सूचना मिलते ही सोसाइटी के सुरक्षा कर्मी और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। परिजन तुरंत अर्पिता को नजदीकी जिला अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर सेक्टर-24 थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक जांच टीम की सहायता से साक्ष्य एकत्रित किए हैं। हालांकि, घटनास्थल से कोई आत्महत्या पत्र बरामद नहीं हुआ है, जिससे मामले की गुत्थी और उलझ गई है। पुलिस ने छात्रा का मोबाइल फोन भी कब्जे में ले लिया है और उसकी जांच की जा रही है, ताकि घटना से जुड़े किसी संभावित कारण का पता लगाया जा सके। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि छात्रा कुछ समय से मानसिक तनाव में थी। हालांकि, इस संबंध में परिवार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि यह एक दुर्घटना भी हो सकती है, जबकि अन्य इसे आत्महत्या की घटना मान रहे हैं। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। परिवार के बारे में मिली जानकारी के अनुसार, अर्पिता के पिता संजय जायसवाल तेल व्यवसाय से जुड़े हैं और परिवार के साथ नोएडा में रह रहे थे। उनकी तीन बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी नोएडा में, अर्पिता इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए बाहर रह रही थीं, जबकि छोटी बेटी कानपुर में पढ़ाई कर रही है। घटना के समय परिवार के कुछ सदस्य नोएडा में मौजूद थे, जबकि अन्य सदस्य सूचना मिलने के बाद वहां पहुंचे। इस दुखद घटना की खबर मिलते ही बस्ती स्थित उनके पैतृक गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरा परिवार गहरे सदमे में है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। यह घटना एक बार फिर युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक दबाव के मुद्दे को सामने लाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में परिवार और समाज को संवेदनशीलता दिखाते हुए समय रहते सहयोग और परामर्श देना चाहिए। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले की सच्चाई सामने आएगी।


