बिहार में भ्रष्टाचार पर सख्ती, आय से अधिक संपत्ति मामले में अभियंता के सात ठिकानों पर छापेमारी

  • नॉर्थ बिहार पावर वितरण कंपनी के कार्यपालक अभियंता पर ईओयू की बड़ी कार्रवाई
  • चल-अचल संपत्तियों और दस्तावेजों की जांच जारी, जांच पूरी होने के बाद होगा खुलासा

पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में नॉर्थ बिहार पावर वितरण कंपनी लिमिटेड के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। यह कार्रवाई राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति सख्त नीति को दर्शाती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अभियंता मनोज कुमार रजक वर्तमान में मधुबनी जिले के जयनगर में पदस्थापित हैं। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत आर्थिक अपराध इकाई को मिली थी। प्रारंभिक जांच में आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद इकाई ने न्यायालय से तलाशी की अनुमति प्राप्त की। न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद आर्थिक अपराध इकाई की विशेष टीम ने एक साथ उनके कुल सात ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। यह छापेमारी एक सुनियोजित अभियान के तहत की गई, जिसमें विभिन्न स्थानों पर एक साथ कार्रवाई कर साक्ष्यों को सुरक्षित करने का प्रयास किया गया। छापेमारी के दौरान टीम अभियंता की चल संपत्तियों और अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। इसमें बैंक खाते, निवेश संबंधी कागजात, जमीन-जायदाद के दस्तावेज और अन्य वित्तीय अभिलेखों को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इन दस्तावेजों से अभियंता की वास्तविक आय और संपत्ति के बीच अंतर का स्पष्ट आकलन किया जा सकेगा। आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल सभी ठिकानों पर तलाशी अभियान जारी है और अभी तक बरामदगी से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा किया जाएगा। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि अभियंता के पास कितनी अवैध संपत्ति पाई गई है। सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने की संभावना है, जो आगे की जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अभियंता के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। राज्य में हाल के दिनों में भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की कार्रवाइयों में तेजी देखी जा रही है। सरकार और जांच एजेंसियां स्पष्ट संकेत दे रही हैं कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्रवाई से सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी संदेश गया है कि अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। वहीं आम जनता भी इस तरह की कार्रवाई को सकारात्मक रूप से देख रही है और उम्मीद कर रही है कि इससे प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। फिलहाल सभी की नजरें आर्थिक अपराध इकाई की इस कार्रवाई के अंतिम निष्कर्ष पर टिकी हैं, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।

You may have missed