वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव से दहशत, मुजफ्फरपुर रेलखंड की सुरक्षा पर उठे सवाल

  • कपरपूरा-कांटी के बीच असामाजिक तत्वों ने किया हमला, कोच की खिड़की चकनाचूर
  • यात्रियों में मची अफरा-तफरी, रेलवे सुरक्षा बल ने दर्ज की प्राथमिकी, जांच शुरू

मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक बार फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार शाम पाटलिपुत्र से गोरखपुर जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस पर असामाजिक तत्वों ने पथराव कर दिया। यह घटना मुजफ्फरपुर जंक्शन से ट्रेन खुलने के कुछ ही मिनट बाद कपरपूरा और कांटी स्टेशन के बीच हुई, जिससे ट्रेन में सवार यात्रियों के बीच भय और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन शाम लगभग पांच बजे मुजफ्फरपुर जंक्शन से रवाना हुई थी। करीब सवा पांच बजे जैसे ही ट्रेन सुनसान क्षेत्र से गुजर रही थी, अचानक बाहर से पत्थरों की बौछार शुरू हो गई। इसी दौरान एक बड़ा पत्थर कोच संख्या सी-5 की सीट संख्या 31 के पास खिड़की पर जोरदार तरीके से आकर लगा। टक्कर इतनी तेज थी कि सुरक्षा युक्त कांच पूरी तरह टूट गया और उसके टुकड़े कोच के अंदर बिखर गए। घटना के समय सीट संख्या 31 पर एक महिला अपने छोटे बच्चे के साथ बैठी हुई थी। अचानक कांच टूटने और पत्थर अंदर आने से वह घबरा गई और अपने बच्चे को बचाने के लिए तुरंत सीट के नीचे छिप गई। आसपास बैठे अन्य यात्रियों ने भी खुद को सुरक्षित रखने के लिए सीटों के नीचे और कोनों में शरण ली। कुछ यात्रियों ने बताया कि कुछ पलों के लिए ऐसा लगा मानो ट्रेन पर कोई बड़ा हमला हो गया हो। घटना की सूचना मिलते ही ट्रेन में मौजूद टिकट परीक्षक, रेलवे सुरक्षा बल और अन्य रेलकर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करते हुए यात्रियों को शांत कराया और उन्हें भरोसा दिलाया कि अब खतरा टल चुका है। हालांकि कुछ समय तक कोच में दहशत का माहौल बना रहा। रेलवे सुरक्षा बल के निरीक्षक भरत प्रसाद ने बताया कि ट्रेन के बापूधाम मोतिहारी जंक्शन पहुंचने के बाद तकनीकी टीम द्वारा प्रभावित कोच का निरीक्षण किया गया और साक्ष्य एकत्र किए गए। इस मामले में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। साथ ही स्थानीय पुलिस के सहयोग से कपरपूरा और कांटी के बीच के इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों की पहचान कर जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। रेलवे और पुलिस प्रशासन इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटे हुए हैं। गौरतलब है कि वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी उच्च गति और प्रीमियम श्रेणी की ट्रेन पर पथराव की यह पहली घटना नहीं है। देश के विभिन्न हिस्सों में पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लेकिन मुजफ्फरपुर के इस रेलखंड पर बार-बार हो रही घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इस घटना के बाद यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। यात्रियों का कहना है कि ट्रैक के किनारे नियमित गश्त, निगरानी कैमरों की संख्या बढ़ाने और स्थानीय प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। घटना के बाद कुछ समय तक ट्रेन की स्थिति सामान्य नहीं थी, लेकिन सुरक्षा जांच और आवश्यक कार्रवाई के बाद यात्रियों को फिर से उनकी सीटों पर बैठाया गया। इसके बाद ट्रेन को गंतव्य गोरखपुर के लिए रवाना कर दिया गया। यह घटना न केवल रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। फिलहाल पुलिस और रेलवे सुरक्षा एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही दोषियों को पकड़ लिया जाएगा।