अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर पटना में राजकीय कार्यक्रम आयोजित, मुख्यमंत्री ने माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि
पटना। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती आज पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इसी क्रम में बिहार की राजधानी पटना में भी राजकीय स्तर पर जयंती समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पाटलिपुत्रा पार्क में आयोजित हुआ, जहां अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा स्थापित है। आयोजन का उद्देश्य केवल औपचारिक श्रद्धांजलि नहीं था, बल्कि उनके विचारों, आदर्शों और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को स्मरण करना भी था।
मुख्यमंत्री ने किया माल्यार्पण
राजकीय समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कुछ क्षण मौन रखकर देश के इस महान नेता को नमन किया। नीतीश कुमार का अटल जी से पुराना राजनीतिक और आत्मीय संबंध रहा है, इसलिए यह श्रद्धांजलि व्यक्तिगत सम्मान का भी प्रतीक मानी गई। मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमा और गंभीरता प्रदान की।
उपमुख्यमंत्रियों और मंत्रियों की मौजूदगी
इस अवसर पर राज्य सरकार के दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद रहे। इनके अलावा ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी सहित सरकार और संगठन से जुड़े कई वरिष्ठ नेता कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी नेताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया। इस दौरान माहौल पूरी तरह भावनात्मक और सम्मान से भरा रहा।
जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की भागीदारी
राजकीय समारोह में अनेक विधायक और गणमान्य व्यक्तियों की भी उपस्थिति रही। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक संजय सरावगी, विधायक संजीव चौरसिया, विधायक रत्नेश कुशवाहा, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत मिश्रा, बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष नंद किशोर यादव, बिहार राज्य नागरिक परिषद के महासचिव अरविंद कुमार उर्फ छोटू सिंह और बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य शिवशंकर निषाद समेत कई सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने अटल जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजा आयोजन
इस अवसर पर सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। आरती-पूजन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसके बाद बिहार गीत और देशभक्ति गीतों का गायन किया गया। इन गीतों के माध्यम से अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्रप्रेम, लोकतांत्रिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना को रेखांकित किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को और भी भावनात्मक बना दिया।
भाजपा कार्यालय में भी हुआ आयोजन
राजकीय कार्यक्रम के अलावा भारतीय जनता पार्टी की ओर से पार्टी कार्यालय में भी अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती मनाई गई। इस कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, दोनों उपमुख्यमंत्री, मंत्री और कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। पार्टी कार्यालय में भी अटल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और उनके विचारों को याद किया गया। नेताओं ने अटल जी के जीवन और कार्यों पर प्रकाश डालते हुए उन्हें प्रेरणास्रोत बताया।
नेताओं के विचार और संदेश
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के विचार और मार्गदर्शन आज भी सभी के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी ने जिस मार्ग पर देश को आगे बढ़ाया, उसी रास्ते पर चलकर आज भी राष्ट्र निर्माण का कार्य किया जा रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का बिहार से विशेष लगाव था और उन्होंने बिहार के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। उन्होंने अटल जी के उस प्रसिद्ध कथन को भी याद किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि बिहार के लोग बिहारी हैं और मैं अटल बिहारी वाजपेयी हूं।
अटल जी के सपनों और वर्तमान की कड़ी
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने आत्मनिर्भर बिहार और आत्मनिर्भर भारत का सपना देखा था। उन्होंने भयमुक्त और भ्रष्टाचार से मुक्त भारत की कल्पना की थी। विजय सिन्हा ने कहा कि अटल जी ने भारत को एक सशक्त और आत्मविश्वासी राष्ट्र बनाने की नींव रखी, जिसे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगे बढ़ा रहे हैं। उनके अनुसार वर्तमान सरकार अटल जी के सपनों को साकार करने की दिशा में कार्य कर रही है।
अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत
अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि एक विचार, एक संस्कृति और एक राजनीतिक परंपरा का नाम हैं। उनकी पहचान एक ऐसे नेता के रूप में रही, जिन्होंने सहमति, संवाद और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को राजनीति का आधार बनाया। उनके शासनकाल में लिए गए निर्णय आज भी देश के विकास की दिशा तय करते हैं। यही कारण है कि उनकी जयंती केवल एक स्मरण दिवस नहीं, बल्कि प्रेरणा का अवसर बन जाती है। पटना में आयोजित यह राजकीय कार्यक्रम अटल बिहारी वाजपेयी के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक रहा। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्री, जनप्रतिनिधि और आम कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि अटल जी की विरासत आज भी जीवंत है। उनके विचार, आदर्श और राष्ट्रप्रेम आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन का काम करते रहेंगे और भारत के लोकतांत्रिक भविष्य को मजबूती प्रदान करेंगे।


