बिहार बिग टेंडर स्कैम:-सुपरपॉवर सरपरस्तों के बल पर रिशु श्री दिखा रहा है एसभीयू को ठेंगा
>>2 हजार करोड़ के घोटाले के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने वाली टीम पर भारी दबाव,तीन महीने में तीन कदम भी नहीं

पटना।(बन बिहारी)।बिहार के कई करप्ट आईएएस अधिकारियों से गोपनीय सांठगांठ के बदौलत बिहार में विभिन्न विभागों के सैकड़ो करोड़ के निविदाओं को बाहरी कंपनियों के लिए मैनेज करके रिशु श्री उर्फ रिशु रंजन सिन्हा ने बिहार के नीतीश सरकार में तकरीबन 2 हजार करोड़ से अधिक के बिग टेंडर स्कैम को अंजाम दिया है। इस बिग टेंडर स्कैन को लेकर रिशु रंजन सिन्हा उर्फ रिशु श्री के खिलाफ बिहार की स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने एफआईआर दर्ज करने के उपरांत जांच कर रही है।तीन महीना बीतने के उपरांत भी अभी तक जांच कर रही स्पेशल विजिलेंस यूनिट की टीम को कुछ खास उपलब्धि हासिल नहीं हुई है।जबकि चर्चा इस बात की है कि एफआईआर तथा जांच से बेपरवाह रिशु श्री पटना से लेकर दिल्ली-मुंबई तक अपने करप्शन की काली कमाई के बदौलत अपने खिलाफ सबूतों को साफ करने का प्रयास कर रहा है।हैरत की बात है की स्पेशल विजिलेंस यूनिट की टीम अभी तक रिशु श्री से ठीक तरीके से पूछताछ भी नहीं कर सकी है। जबकि पिछले वर्ष जुलाई माह में राज्य के बड़े आईएएस अधिकारी संजीव हंस के यहां छापेमारी के दौरान प्राप्त दस्तावेजी प्रमाणों के तहत ईडी के द्वारा पावर ब्रोकर रिशु रंजन सिन्हा उर्फ रिशु श्री के खिलाफ ठोस सबूत के आधार पर छापामारी की कार्रवाई की गई थी।प्रदेश की स्पेशल विजिलेंस यूनिट को भी ईडी ने रिशु श्री के खिलाफ कई सबूत दिए थे।लेकिन इसके बावजूद अभी तक रिशु श्री को गिरफ्तार नहीं किया जा सका।बताया जाता है कि रिशु श्री के ‘सिर’ पर वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का ‘हाथ’ है।जिस कारण उसके खिलाफ कार्रवाई करने में जांच टीम को भारी दबाव का सामना करना पड़ रहा है। अपने ‘सुपर पावर’ सरपरस्त के बदौलत रिशु श्री स्पेशल विजिलेंस की टीम के साथ आंखमिचौंनी का खेल खेल रहा है। उल्लेखनीय है कि रिशु श्री के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान 100 से अधिक प्रॉपर्टी के दस्तावेज बरामद किए गए थे।जिनकी गहनता से छानबीन हो रही है।माना जा रहा है कि रिशु श्री के नाम पर जो संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए हैं।वह उसकी निजी संपत्ति नहीं बल्कि राज्य के ही कई करप्ट अधिकारियों की बेनामी संपत्ति साबित हो सकती है।बताया जाता है की करप्ट अफसरों की काली कमाई को रिशु श्री ने विदेशों में इनवेस्ट कर रखा है।ईडी को जांच के दौरान बेहद हैरान करने वाले दस्तावेज हाथ लगे हैं।
सरकारी विभागों के ठेकों की नियमित जांच से शुरू हुआ यह मामला अब कहीं ज़्यादा बड़ा हो गया है। सिर्फ़ सात से आठ सालों में, रिशु श्री ने कथित तौर पर आईएएस अधिकारियों सहित वरिष्ठ नौकरशाहों के लिए करोड़ों रुपये का काला धन हड़पने में मदद की – इस पैसे को बाद में उच्च-मूल्य वाली संपत्तियों, आलीशान गाड़ियों और यहाँ तक कि विदेशी संपत्तियों में लगाया गया।
उल्लेखनीय है कि ईडी की टीम ने जुलाई 2024 में रिशु श्री की कंपनियों पर छापा मारा और दिल्ली-एनसीआर में लगभग 59 करोड़ रुपये के रियल एस्टेट निवेश से जुड़े 61 दस्तावेज बरामद किए।ईडी सूत्रों का कहना है कि ये संपत्तियां केवल निजी निवेश नहीं थीं – हो सकता है कि जांच से बचने के लिए करप्ट अधिकारियों की ओर से इन्हें अपने पास रखा गया हो।

