नीट परीक्षा को लेकर पटना में विशेष यातायात व्यवस्था लागू, परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए कई मार्गों में बदलाव

  • ऑटो, ई-रिक्शा और मालवाहक वाहनों के लिए जारी की गई नई यातायात मार्गदर्शिका
  • परीक्षा केंद्रों तक सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने किए व्यापक प्रबंध

पटना। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर जिला प्रशासन और यातायात पुलिस ने राजधानी पटना में विशेष यातायात व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। परीक्षा के दौरान शहर में संभावित भीड़ और यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों के संचालन को लेकर नई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। यातायात विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार यह व्यवस्था रविवार को परीक्षा अवधि के दौरान प्रभावी रहेगी। आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को छोड़कर अन्य निजी और सरकारी वाहनों पर निर्धारित नियम लागू होंगे। अधिकारियों ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने का अनुरोध किया है।
परीक्षा को देखते हुए प्रशासन सतर्क
राष्ट्रीय स्तर की इस महत्वपूर्ण परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने पहले से ही तैयारी पूरी कर ली है। राजधानी के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि परीक्षा के दिन शहर के कई हिस्सों में वाहनों का दबाव सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहेगा। ऐसे में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए मार्ग परिवर्तन आवश्यक माना गया है।
ऑटो और ई-रिक्शा के लिए निर्धारित मार्ग
यातायात पुलिस द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार धनकी मोड़ से पटना शहर की ओर आने वाले सभी ऑटो और बैटरी चालित रिक्शों को विशेष मार्ग से संचालित किया जाएगा। इन वाहनों को अब जीरो माइल, नए बाईपास, भूतनाथ रोड और पुराने बाईपास मार्ग से होकर अपने निर्धारित गंतव्य तक जाने की अनुमति होगी। प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से मुख्य मार्गों पर दबाव कम होगा और परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात सुचारु बना रहेगा।
मालवाहक और भारी वाहनों पर विशेष नियंत्रण
शहर में भारी वाहनों और मालवाहक वाहनों के संचालन को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। धनकी मोड़ से आने वाले सभी बड़े वाहन, बसें, मालवाहक वाहन और पिकअप वाहन नए बाईपास और मीठापुर मार्ग का उपयोग करते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। इसी प्रकार करबिगहिया क्षेत्र की ओर से आने वाले भारी वाहनों को भी मीठापुर नए बाईपास मार्ग से गुजरने का निर्देश दिया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य शहर के भीतरी हिस्सों में भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करना है।
बहादुरपुर क्षेत्र में रहेगा प्रतिबंध
प्रशासन ने मोइनुल हक स्टेडियम और बहादुरपुर क्षेत्र के आसपास विशेष यातायात प्रतिबंध लागू किए हैं। निर्देशों के अनुसार स्टेडियम की ओर से आने वाले बस और मालवाहक वाहनों को बहादुरपुर रेल उपरिगामी पुल की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी। इन वाहनों को वैकल्पिक मार्ग के रूप में वैशाली गोलंबर, राजेंद्र नगर पुल और 90 फीट सड़क का उपयोग करते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचना होगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात का दबाव कम किया जा सकेगा।
महत्वपूर्ण मार्गों पर रहेगा नियंत्रण
यातायात विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सामान्य डाकघर क्षेत्र से चिरैयाटांड़ पुल की ओर जाने वाले भारी वाहनों के परिचालन पर भी अस्थायी रोक रहेगी। इस मार्ग से गुजरने वाले सभी बड़े वाहनों को नए बाईपास और मीठापुर मार्ग का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मार्ग परिवर्तन परीक्षा के दौरान यातायात को व्यवस्थित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे मुख्य परीक्षा केंद्रों के आसपास जाम की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना भी कम होगी।
परीक्षार्थियों के लिए जारी की गई अपील
जिला प्रशासन ने परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों से परीक्षा केंद्र के लिए समय से पहले घर से निकलने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि यातायात व्यवस्था में बदलाव के कारण कुछ मार्गों पर अतिरिक्त समय लग सकता है। इसलिए परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पहले पहुंचना आवश्यक होगा। इसके साथ ही अभिभावकों और आम नागरिकों से भी अनावश्यक रूप से परीक्षा केंद्रों के आसपास वाहन खड़ा नहीं करने का अनुरोध किया गया है, ताकि यातायात संचालन प्रभावित न हो।
सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष निगरानी
परीक्षा के दिन यातायात पुलिस के अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जाएगी। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। यातायात नियंत्रण कक्ष से पूरे शहर की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल समाधान किया जा सके। प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण परीक्षा है। इसलिए परीक्षा के सुचारु संचालन और अभ्यर्थियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। नई यातायात व्यवस्था के माध्यम से राजधानी में बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है, जिससे परीक्षार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने में सहायता मिल सके।

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