पहाड़ों पर बर्फबारी से बिहार में बढ़ेगी ठंड, पटना समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट, रहे सावधान
पटना। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी का असर अब मैदानी क्षेत्रों में भी साफ तौर पर दिखने लगा है। इसी कड़ी में बिहार में एक बार फिर ठंड बढ़ने के आसार बन गए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई जिलों में बारिश और कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। राजधानी पटना समेत उत्तर और मध्य बिहार के जिलों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है।
कई जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार आज पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण सहित करीब पांच जिलों में बारिश हो सकती है। इन इलाकों में दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। बादलों की आवाजाही और हल्की से मध्यम बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। खासकर रात के तापमान में कमी आने की आशंका जताई जा रही है, जिससे ठंड का असर फिर से बढ़ सकता है। किसानों और आम लोगों को मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कोहरे को लेकर अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र ने 29 जनवरी से बिहार के कई जिलों में कोहरे का अलर्ट जारी किया है। उत्तर और मध्य बिहार के जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। जिन जिलों में कोहरे का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है, उनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली, पटना और बेगूसराय शामिल हैं। कोहरे के कारण सुबह के समय दृश्यता कम रह सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
सुबह-शाम ठंड का ज्यादा असर
मौसम विभाग का कहना है कि कोहरे की यह स्थिति 29 जनवरी से अगले दो से तीन दिनों तक बनी रह सकती है। हालांकि दिन चढ़ने के साथ ही कोहरा धीरे-धीरे छंट जाएगा और धूप निकलने की संभावना है। इसके बावजूद सुबह और शाम के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जाएगा। खासकर खुले इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का प्रभाव अधिक रहेगा।
पटना के मौसम का हाल
राजधानी पटना में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। सुबह के समय हल्का कोहरा छाने और ठंड का असर महसूस होने की संभावना है। दिन में धूप निकलने से तापमान सामान्य रह सकता है, लेकिन हवा में ठंडक बनी रहेगी। बीते 24 घंटे में पटना का अधिकतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। देर शाम और सुबह के समय ठंड अधिक महसूस की गई, जबकि दिन में धूप निकलने के बावजूद लोगों को पूरी तरह राहत नहीं मिली।
पश्चिमी विक्षोभ बना बदलाव की वजह
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बिहार में इस समय मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ है। उत्तर-पश्चिम भारत से सक्रिय यह मौसमी तंत्र अपने साथ नमी लेकर आ रहा है। इसी वजह से बिहार के उत्तरी जिलों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है और कुछ स्थानों पर बारिश की स्थिति बन रही है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से रात के तापमान में गिरावट आ रही है और हवा में नमी बढ़ने के कारण ठंड का एहसास ज्यादा हो रहा है।
नमी बढ़ने से बढ़ी ठिठुरन
मौसम विभाग का कहना है कि हवा में बढ़ी नमी के कारण सुबह और शाम के समय ठंड अधिक चुभने वाली हो सकती है। कोहरे और बादलों की वजह से सूर्य की किरणें देर से धरती तक पहुंचेंगी, जिससे दिन की शुरुआत में ठंड बनी रहेगी। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
सावधानी बरतने की अपील
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहें। सुबह के समय कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। गर्म कपड़ों का इस्तेमाल जारी रखें और अचानक ठंड से बचाव करें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे फसलों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाएं, क्योंकि बारिश और कोहरे का असर खेती पर भी पड़ सकता है।
आने वाले दिनों का अनुमान
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक बिहार में मौसम ऐसा ही बना रह सकता है। रात के तापमान में गिरावट और सुबह के समय कोहरा लोगों को परेशान कर सकता है। हालांकि दिन में धूप निकलने से कुछ राहत मिलेगी। कुल मिलाकर पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ के असर से बिहार में ठंड का दौर एक बार फिर तेज होने के संकेत दे रहा है।


