पटना में पैदल यात्रियों के लिए स्मार्ट सिग्नल व्यवस्था, बजट में कई नई सुविधाओं को मंजूरी
- चिड़ियाघर के सामने बटन दबाते ही रुकेगा ट्रैफिक, पायलट परियोजना के रूप में होगी शुरुआत
- स्मार्ट लाइट, स्वर्ग रथ, कचरा प्रबंधन और नगर राजस्व बढ़ाने के लिए तकनीकी योजनाएं शामिल
पटना। नगर निगम के नए वार्षिक बजट में शहर को आधुनिक और नागरिक अनुकूल बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इनमें सबसे खास पहल चिड़ियाघर के सामने पैदल यात्रियों के लिए विशेष सिग्नल लाइट की व्यवस्था है। विदेशों की तर्ज पर लागू की जा रही इस प्रणाली में सड़क पार करने के लिए पैदल यात्रियों को केवल एक बटन दबाना होगा, जिसके बाद यातायात स्वतः रुक जाएगा। नगर निगम के अनुसार, बटन दबाते ही लाल बत्ती जल जाएगी, जिससे सड़क के दोनों लेन में वाहनों की आवाजाही रुक जाएगी और पैदल यात्री सुरक्षित रूप से सड़क पार कर सकेंगे। जब सभी लोग पार हो जाएंगे, तब हरी बत्ती जल जाएगी और यातायात फिर से शुरू हो जाएगा। इस व्यवस्था में एक विशेष प्रावधान यह भी रखा गया है कि बटन एक बार दबने के बाद अगले 20 मिनट तक निष्क्रिय रहेगा, ताकि यातायात पर अनावश्यक दबाव न पड़े। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि इस योजना को फिलहाल पायलट परियोजना के रूप में लागू किया जाएगा। यदि यह सफल रहती है, तो इसे शहर के अन्य भीड़-भाड़ वाले इलाकों और स्कूलों के आसपास भी लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक फुट ओवरब्रिज या अंडरपास का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक यह व्यवस्था जारी रहेगी। बजट में शहर को स्मार्ट बनाने के लिए प्रकाश व्यवस्था को भी उन्नत करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित सेंसर युक्त स्मार्ट लाइटें लगाई जाएंगी, जो अंधेरा होते ही स्वतः जल जाएंगी और सुबह होते ही बंद हो जाएंगी। इसके लिए पूरे शहर में नया सर्वे कराया जाएगा, ताकि नई कॉलोनियों और गलियों को भी प्रकाश व्यवस्था से जोड़ा जा सके। इन लाइटों के संचालन के लिए एक केंद्रीकृत नियंत्रण केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। वर्तमान में शहर में लगभग 82 हजार स्ट्रीट लाइटें लगी हुई हैं। इसके अलावा बजट में ठोस कचरा प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए पुराने कचरे के प्रसंस्करण और नए कचरा स्थानांतरण केंद्र बनाने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। शहर के सौंदर्यीकरण के लिए नगर परिदृश्य योजना और नगर परिवहन योजना को भी शामिल किया गया है। नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी छह अंचलों में शव वाहन सेवा, जिसे स्वर्ग रथ नाम दिया गया है, उपलब्ध कराई जाएगी। इससे शोकाकुल परिवारों को शव को मुक्तिधाम तक ले जाने में सुविधा मिलेगी और उन्हें निजी व्यवस्था पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। नगर निगम की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। इसके तहत भौगोलिक सूचना प्रणाली मानचित्रण के माध्यम से घरों का नया आकलन किया जाएगा, जिससे छूटे हुए मकानों को कर के दायरे में लाया जा सके। व्यापारिक लाइसेंस से आय बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया है। साथ ही, नगर निगम द्वारा नगरपालिका बांड जारी करने का प्रावधान भी रखा गया है। शहर के प्रवेश मार्गों को आकर्षक बनाने के लिए सात प्रमुख रास्तों पर भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे, हालांकि इनके स्थान अभी तय नहीं किए गए हैं। इसके अतिरिक्त न्यू मार्केट के पुनर्विकास और मछुआ टोली क्षेत्र में शॉपिंग मॉल निर्माण के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली है। नगर निगम ने इस वर्ष संपत्ति कर से 137 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है, जबकि अब तक 90 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। इस बजट के माध्यम से पटना को एक आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक शहर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।


