पटना के पाटीपुल घाट पर गंगा में समाई कार, बड़ा हादसा टला

  • घाट पर धुलाई के दौरान फिसलकर नदी में गिरी गाड़ी, मौके पर मची अफरा-तफरी
  • राहत की बात- वाहन में कोई सवार नहीं था, बचाव दल को दी गई सूचना

पटना। दीघा थाना क्षेत्र स्थित पाटीपुल घाट पर सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। घाट पर साफ-सफाई के लिए खड़ी की गई एक चारपहिया गाड़ी अचानक फिसलकर गंगा नदी में समा गई। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि हादसे के समय गाड़ी के भीतर कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार सुबह वाहन मालिक अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी लेकर पाटीपुल घाट पहुंचा था। वह घाट के किनारे गाड़ी खड़ी कर उसे धोने के लिए पानी डाल रहा था। इसी दौरान घाट पर मौजूद फिसलन के कारण वाहन धीरे-धीरे नीचे की ओर खिसकने लगा। बताया जा रहा है कि गाड़ी के खिसकने पर वाहन मालिक ने उसे रोकने की काफी कोशिश की, लेकिन फिसलन अधिक होने के कारण वह सफल नहीं हो सका। देखते ही देखते वाहन घाट से लुढ़कता हुआ सीधे गंगा नदी में जा गिरा और कुछ ही क्षणों में पानी में डूब गया। घटना के बाद घाट पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। कई लोगों ने मिलकर गाड़ी को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। कुछ लोगों ने रस्सी और अन्य साधनों की मदद से वाहन निकालने का प्रयास किया, लेकिन नदी में पानी अधिक होने और वाहन के गहराई में चले जाने के कारण प्रयास विफल रहे। घटना की सूचना मिलते ही दीघा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया और घाट किनारे खड़े लोगों को सुरक्षित दूरी पर हटाया। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की ताकि कोई और दुर्घटना न हो। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना की जानकारी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल को भी दे दी गई है। बचाव दल को वाहन निकालने के लिए बुलाया गया है और गाड़ी को बाहर निकालने का प्रयास जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटों पर फिसलन की समस्या अक्सर बनी रहती है, खासकर बारिश या पानी फैलने के बाद। इसके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए और फिसलन रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि वाहन के भीतर कोई व्यक्ति मौजूद होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। लोगों ने इसे सौभाग्यपूर्ण घटना बताया कि समय रहते वाहन चालक बाहर था और किसी की जान नहीं गई। विशेषज्ञों का मानना है कि नदी घाटों पर वाहन ले जाने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। फिसलन भरे स्थानों पर वाहन खड़ा करना जोखिम भरा हो सकता है। प्रशासन को ऐसे स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने और सुरक्षा उपाय बढ़ाने चाहिए। दीघा थाना पुलिस ने लोगों से अपील की है कि घाटों पर वाहन धोने या ले जाने के दौरान सतर्कता बरतें और वाहन को सुरक्षित स्थान पर ही खड़ा करें। पुलिस ने यह भी कहा कि घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और वाहन को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया जारी है। घटना के बाद काफी देर तक घाट पर लोगों की भीड़ लगी रही। कई लोग गंगा में डूबी गाड़ी को देखने के लिए वहां पहुंचे। पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। फिलहाल बचाव दल वाहन को नदी से बाहर निकालने के प्रयास में जुटा हुआ है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। इस घटना ने घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और सावधानी को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।