February 28, 2026

16 अक्टूबर से शुरू होगा तेजस्वी के संवाद यात्रा का दूसरा चरण, 26 तक कार्यक्रम, 23 को नीतीश के गढ़ में संवाद

पटना। तेजस्वी यादव, जो वर्तमान में बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं, अपनी संवाद यात्रा का दूसरा चरण 16 अक्टूबर 2024 से शुरू करने जा रहे हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य बिहार के विभिन्न जिलों के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करना है, जो 26 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान तेजस्वी यादव बिहार के प्रमुख जिलों में जाएंगे और वहाँ की जनता से संवाद करेंगे। इस संवाद यात्रा के जरिए तेजस्वी यादव अपनी पार्टी की राजनीतिक स्थिति को मजबूत करना चाहते हैं, खासकर आगामी चुनावों की दृष्टि से।इस यात्रा के दौरान विशेष रूप से 23 अक्टूबर को तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गढ़, नालंदा, में संवाद करेंगे, जिसे काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नालंदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह जिला है, और यहाँ तेजस्वी का कार्यक्रम सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होगा। तेजस्वी की यह संवाद यात्रा कई जिलों से होकर गुजरेगी। 16 अक्टूबर को यात्रा की शुरुआत बांका से होगी, उसके बाद 17 अक्टूबर को जमुई, 18 अक्टूबर को मुंगेर, 19 अक्टूबर को खगड़िया, 20 अक्टूबर को बेगूसराय, 21 अक्टूबर को लखीसराय और शेखपुरा, 22 अक्टूबर को नवादा, 23 अक्टूबर को नालंदा, 24 अक्टूबर को जहानाबाद और अरवल, 25 अक्टूबर को गया, और अंत में 26 अक्टूबर को टेकारी में समाप्त होगी। यह यात्रा तेजस्वी यादव के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है कि वह जनता के साथ सीधे तौर पर बातचीत करें, उनकी समस्याओं को समझें और अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए तैयार करें। प्रदेश के प्रधान महासचिव रणविजय साहू द्वारा सभी जिला अध्यक्षों को यात्रा का कार्यक्रम भेज दिया गया है, और उसी के अनुसार सभी स्थानों पर तैयारियां जोरों पर हैं। बिहार की राजनीति में तेजस्वी यादव एक प्रमुख चेहरा बन चुके हैं, खासकर युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। यह संवाद यात्रा उनके लिए एक मंच है जहाँ वे जनता को अपने विचारों से अवगत कराएंगे और उन्हें बताने का प्रयास करेंगे कि बिहार में बदलाव की जरूरत क्यों है। इस यात्रा के दौरान यह देखा जाएगा कि तेजस्वी यादव किस तरह से अपनी रणनीति को पेश करते हैं और लोगों को अपनी पार्टी के पक्ष में करने का प्रयास करते हैं। खासकर नालंदा में होने वाला संवाद राजनीतिक तौर पर काफी चर्चा में रहेगा, क्योंकि यह नीतीश कुमार का गढ़ है और वहाँ की जनता से बातचीत तेजस्वी यादव के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। तेजस्वी की यह पहल इस बात का संकेत है कि वह आगामी चुनावों की तैयारी में जुट चुके हैं और राज्यभर में घूमकर लोगों से संवाद कर रहे हैं ताकि उनकी पार्टी को अधिक से अधिक समर्थन मिल सके।

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