पटना समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी, 9 अगस्त से बदले का मौसम, चलेगी तेज हवाएं
पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। इसके मद्देनज़र प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
मौसम में बदलाव के संकेत
राज्य में पिछले कुछ दिनों से बादल छाए हुए हैं और उमस भरा मौसम बना हुआ है। पटना समेत कई जिलों में तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर दर्ज किया गया है। राजधानी पटना का अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री सेल्सियस और शेखपुरा का 34.4 डिग्री सेल्सियस रहा। राज्य के 16 जिलों में तापमान में वृद्धि देखी गई है, जिससे लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ा है। मौसम विभाग के अनुसार, 7 अगस्त से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और 9 अगस्त तक पूरे राज्य में तेज बारिश की संभावना है।
भारी बारिश और येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने सुपौल, अररिया, रोहतास, औरंगाबाद और कैमूर जिलों में अति भारी वर्षा की चेतावनी दी है। इसके साथ ही पटना, खगड़िया, कटिहार, पूर्णिया, जमुई, वैशाली, सहरसा और मधेपुरा जिलों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों में कहीं-कहीं पर मेघगर्जन और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। दक्षिण बिहार के कुछ इलाकों में हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है। इस स्थिति को देखते हुए कई जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
बाढ़ की स्थिति और गंगा नदी का बढ़ता जलस्तर
इस समय गंगा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनने लगी है। महावीर घाट, भद्र घाट और बुदेलटोली घाट जैसे क्षेत्रों में गंगा का पानी संपर्क मार्गों तक पहुंच गया है। गंगा पाथवे लिंक रोड पर तीन से चार फीट पानी भरने की वजह से वहां वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।
प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा उपाय
पटना सिटी के एसडीओ सत्यम सहाय ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और स्थिति की समीक्षा की। सुरक्षा के दृष्टिकोण से भद्र घाट को अशोक राजपथ से जोड़ने वाले रास्ते पर बैरिकेटिंग कर दी गई है। इसके अलावा गायघाट से नौजर घाट तक का यातायात भी बंद कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग और जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और मौसम की जानकारी पर ध्यान दें। विशेषकर ग्रामीण इलाकों में वज्रपात से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। घाटों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी करने को कहा गया है। बिहार में मानसून की सक्रियता से आने वाले दिनों में मौसम और भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। प्रशासनिक तैयारियां तेज हैं, लेकिन आम जनता की जागरूकता और सतर्कता भी उतनी ही आवश्यक है। भारी बारिश, तेज हवाओं और गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आगामी सप्ताह राज्य के लिए अहम साबित हो सकता है।


