सीतामढ़ी में रेड लाइट एरिया में छापेमारी, दो महिला दलाल गिरफ्तार, चार नाबालिकों को कराया गया मुक्त
सीतामढ़ी। जिले में मानव तस्करी और नाबालिगों के शोषण के खिलाफ प्रशासन ने एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। रेड लाइट एरिया में चल रहे अवैध धंधों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस और बाल अधिकार संरक्षण से जुड़ी एजेंसियों ने संयुक्त छापेमारी की। इस कार्रवाई में चार नाबालिग बच्चियों को मुक्त कराया गया, जबकि दो महिला दलालों को गिरफ्तार किया गया है। यह अभियान जिले में बाल अधिकारों की रक्षा और मानव तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
राष्ट्रीय स्तर से मिले निर्देशों पर हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, नई दिल्ली के निर्देशों पर की गई। आयोग को लगातार ऐसी सूचनाएं मिल रही थीं कि सीतामढ़ी के रेड लाइट एरिया में नाबालिग लड़कियों से जबरन देह व्यापार कराया जा रहा है। इन सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने स्थानीय प्रशासन को तुरंत जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद सीतामढ़ी पुलिस अधीक्षक अमित रंजन के आदेश पर विशेष टीम का गठन किया गया और छापेमारी की योजना बनाई गई।
रेड लाइट एरिया में चला विशेष अभियान
नगर थाना क्षेत्र के वोहा टोला स्थित रेड लाइट एरिया में यह छापेमारी की गई। दिल्ली से आई रेस्क्यू फाउंडेशन की टीम और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से इस अभियान को अंजाम दिया। जैसे ही पुलिस और सामाजिक संगठन की टीम इलाके में पहुंची, वहां अफरा-तफरी मच गई। कई दलाल और संदिग्ध लोग मौके से भागने में सफल रहे, लेकिन पुलिस ने इलाके को घेरकर तलाशी अभियान जारी रखा। करीब दो घंटे तक चले इस अभियान में पुलिस ने रेड लाइट एरिया के कई कमरों और ठिकानों की गहन जांच की। तलाशी के दौरान चार नाबालिग बच्चियां अलग-अलग कमरों में मिलीं, जिन्हें तुरंत सुरक्षित बाहर निकाला गया। यह दृश्य देखकर टीम के सदस्य भी भावुक हो गए, क्योंकि बच्चियों की हालत बेहद डरी-सहमी और असहाय थी।
महिला दलालों की गिरफ्तारी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो महिला दलालों को भी गिरफ्तार किया। इन पर आरोप है कि ये नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर या जबरन इस धंधे में धकेलने का काम कर रही थीं। महिला थाना की पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान मानव तस्करी के पूरे नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं।
आपत्तिजनक सामग्री की बरामदगी
अभियान के दौरान पुलिस और रेस्क्यू टीम को कई कमरों से आपत्तिजनक सामग्री भी मिली। इनमें कंडोम के कई पैकेट और अन्य सामान शामिल हैं, जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि इलाके में संगठित रूप से अवैध गतिविधियां चलाई जा रही थीं। जांच पदाधिकारी अक्षय पांडेय ने बताया कि यह केवल स्थानीय स्तर का मामला नहीं लगता, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है, जिसकी जांच की जा रही है।
बच्चियों को सुरक्षित आश्रय में भेजा गया
मुक्त कराई गई सभी नाबालिग बच्चियों को तुरंत सुरक्षित आश्रय स्थल भेज दिया गया है। वहां उनके रहने, खाने और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही उनकी काउंसलिंग और मेडिकल जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का सही तरीके से आकलन किया जा सके। बाल विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बच्चियों को धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौटाने के लिए हर संभव सहायता दी जाएगी।
कार्रवाई में कई विभागों की रही अहम भूमिका
इस पूरे अभियान में कई विभागों और अधिकारियों की अहम भूमिका रही। महिला थाना की थानाध्यक्ष श्वेता स्वराज, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के प्रभारी निरीक्षक कृष्ण नंद झा, नगर थाना के सब इंस्पेक्टर सी.बी. शुक्ला और सदर की सीडीपीओ कामिनी कुमारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल और महिला-बाल विकास विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद थे। सभी ने समन्वय के साथ कार्रवाई को सफल बनाया।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि छापेमारी के दौरान कुछ आरोपी मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हैं, जो पर्दे के पीछे से इस अवैध धंधे को चला रहे थे। जल्द ही उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का सख्त संदेश
जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई के बाद साफ संदेश दिया है कि नाबालिगों के शोषण और मानव तस्करी से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। ऐसे अपराधों में शामिल लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने यह भी कहा है कि भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे, ताकि समाज को इस अमानवीय अपराध से मुक्त किया जा सके। यह कार्रवाई न सिर्फ चार नाबालिग बच्चियों के लिए नई जिंदगी की उम्मीद लेकर आई है, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और मासूमों के शोषण पर सख्त कार्रवाई तय है।


