राहुल और तेजस्वी की बढ़ी मुश्किलें, पीएम की मां पर अभद्र टिप्पणी को लेकर महिला आयोग का नोटिस, मांगा जवाब

पटना। बिहार की राजनीति में एक नया विवाद तब भड़क उठा जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान दरभंगा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वर्गीय माता हीराबेन मोदी के बारे में मंच से अभद्र तथा असंवेदनशील टिप्पणी की गई। इस घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है तथा महिला सम्मान के मुद्दे को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है। बिहार राज्य महिला आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. अप्सरा ने बताया कि इस प्रकार की टिप्पणी किसी भी महिला के सम्मान के खिलाफ है और इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। डॉ. अप्सरा ने स्पष्ट किया कि “महिलाओं का अपमान, चाहे वह किसी भी परिजन या पद से जुड़ी हों, लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन है। इस तरह के बयान समाज में महिलाओं के प्रति गलत संदेश देते हैं। महिला आयोग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव के नाम नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही दरभंगा के जिलाधिकारी (डीएम) को पत्र लिखकर इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद सार्वजनिक आक्रोश और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं। भाजपा नेताओं ने विपक्षी इंडी गठबंधन के नेताओं पर महिला सम्मान के मुद्दे को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाया। भाजपा ने इसे सिर्फ एक राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान से जुड़ा गंभीर मसला बताया और राहुल गांधी व तेजस्वी यादव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। महिला आयोग ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि “नेताओं की जिम्मेदारी है कि राजनीतिक मंचों पर महिलाओं के खिलाफ बयानबाजी को बढ़ावा न दें। यदि भविष्य में इस प्रकार की घटना दोहराई गई तो आयोग विवेकानुसार कड़ी कार्रवाई करेगा।” आयोग ने नेताओं से जवाब तलब करते हुए समाज में महिलाओं की गरिमा बनाए रखने का आग्रह किया है।दरभंगा की घटना ने बिहार के राजनीतिक परिदृश्य को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। जहां भाजपा इस मुद्दे को लेकर विपक्ष पर हमलावर है, वहीं कांग्रेस और राजद की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आगामी चुनावी माहौल को भी प्रभावित कर सकता है। स्थानीय प्रशासन घटना की जांच में जुटा है और आयोग को जल्द रिपोर्ट सौंपने की तैयारी चल रही है। महिला आयोग की सख्त प्रतिक्रिया ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लोकतंत्र में महिलाओं के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। राजनीतिक मंचों को महिलाओं के प्रति असंवेदनशीलता के अखाड़े में बदलना समाज में गलत संदेश भेजता है। ऐसी घटनाएं समाज के सांस्कृतिक मूल्यों और राजनीतिक आचरण दोनों पर सवाल खड़े करती हैं। दरभंगा की यह घटना बिहार की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है। सभी राजनीतिक दलों को महिलाओं की गरिमा और सुरक्ष‍िता को सर्वोपरि रखने का संदेश देना होगा। अब देखना यह है कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव इस नोटिस का क्या जवाब देते हैं और आयोग की आगे की कार्रवाई क्या होगी।

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