प्रदेश में अब राशन कार्ड की वेरिफिकेशन की तैयारी में सरकार, ई-केवाईसी अनिवार्य, बायोमेट्रिक से होगा सत्यापन
पटना। बिहार की जनता इन दिनों दोहरी चुनौतियों का सामना कर रही है। एक ओर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और सुधार कराने को लेकर भारी भीड़ और दौड़भाग जारी है, तो वहीं दूसरी ओर सरकार ने राशन कार्ड को लेकर नई सख्ती की घोषणा कर दी है। इसका सीधा असर उन लाखों लोगों पर पड़ेगा जिन्होंने लंबे समय से राशन नहीं उठाया है या जिनके कार्ड फर्जी या डुप्लिकेट हो सकते हैं।
लंबे समय से राशन न लेने वालों पर कार्रवाई
राज्य सरकार ने यह साफ कर दिया है कि जिन लोगों ने पिछले छह महीनों से अपने राशन कार्ड से अनाज नहीं लिया है, उनके कार्ड डीएक्टिवेट किए जा सकते हैं। इसका मतलब है कि ऐसे लोगों को न तो आगे से मुफ्त अनाज मिलेगा और न ही सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल पाएगा। यह फैसला केंद्र सरकार के निर्देश पर लिया गया है, जिसमें सभी राज्यों को राशन कार्ड की जांच-पड़ताल करने को कहा गया है।
ई-केवाईसी और आधार लिंकिंग की अनिवार्यता
इस नई व्यवस्था के तहत अब हर राशन कार्डधारी को ई-केवाईसी कराना जरूरी कर दिया गया है। ई-केवाईसी के अंतर्गत राशन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक किया जाएगा और बायोमेट्रिक पहचान के जरिए सत्यापन होगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य फर्जी और डुप्लिकेट कार्डों की पहचान कर उन्हें सिस्टम से बाहर करना है।
फर्जी कार्डों पर सरकार की सख्त नजर
देशभर में लगभग 23 करोड़ राशन कार्ड हैं, जिनमें से बिहार में करीब 8.71 करोड़ कार्ड सक्रिय हैं। सरकारी आकलन के अनुसार बिहार में करीब 7 प्रतिशत से 18 प्रतिशत तक राशन कार्ड फर्जी या डुप्लिकेट हो सकते हैं। यदि इस अनुमान को सही माना जाए तो अकेले बिहार में 25 लाख से अधिक कार्ड रद्द किए जा सकते हैं। यह आंकड़ा राज्य की खाद्य सुरक्षा प्रणाली के लिए बड़ी चुनौती भी है और अवसर भी, ताकि जरूरतमंदों तक ही लाभ पहुंचे।
निर्धारित समयसीमा के भीतर करें प्रक्रिया पूरी
सरकार ने राशन कार्डधारकों को ई-केवाईसी के लिए एक निश्चित समयसीमा दी है। यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है, तो संबंधित व्यक्ति का राशन कार्ड निलंबित कर दिया जाएगा। इससे न सिर्फ मुफ्त अनाज की सुविधा खत्म हो जाएगी बल्कि कई अन्य सरकारी योजनाओं से भी वह व्यक्ति वंचित रह सकता है, जिनमें छात्रवृत्ति, पेंशन, आवास, गैस योजना जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
चुनाव से पहले बढ़ी संवेदनशीलता
बिहार में आगामी चुनावों को देखते हुए सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाना और पारदर्शिता बनाए रखना राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हो गया है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सिर्फ वास्तविक पात्र लोगों को ही मिले। बिहार सरकार द्वारा राशन कार्ड को लेकर की जा रही ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक सत्यापन की पहल एक जरूरी कदम है, जिससे फर्जी लाभार्थियों को हटाया जा सके। लेकिन इसका सही लाभ तभी मिलेगा जब जनता समय पर अपनी जिम्मेदारी समझे और आवश्यक दस्तावेज अपडेट करवा ले। इसलिए जो भी व्यक्ति राशन कार्डधारी हैं, वे जल्द से जल्द अपने कार्ड की ई-केवाईसी करवाकर उसे सक्रिय बनाए रखें, ताकि भविष्य में उन्हें किसी सरकारी सुविधा से वंचित न रहना पड़े।


