February 15, 2026

PATNA : PPU की प्री पीएचडी-2021 की परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न, 4100 छात्र हुए शामिल

पटना। पाटलिपुत्रा यूनिवर्सिटी (पीपीयू) की ओर से रविवार को आयोजित प्री पीएचडी-2021 की परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। परीक्षार्थियों ने ओएमआर शीट पर परीक्षा दी। इसकी कार्बन कॉपी भी परीक्षार्थियों को दी गई थी। इस बार हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में सवाल पूछे गए। इस बार कोरोना और छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ने की वजह से दो की जगह छह सेंटर बनाए गए थे। परीक्षा केन्द्रों पर महिलाओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा देखी गई। 14 अप्रैल को सारे विषयों की आंसर-की वेबसाइट पर डाल दी जाएगी।
पीपीयू के मीडिया प्रभारी डॉ. बी.के. मंगलम ने बताया कि इस परीक्षा में 91 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी है। कुल अभ्यर्थियों की संख्या 4533 थी, जिसमें लगभग 4100 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। पटना के छह परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों ने कोरोना संक्रमण के प्रोटोकॉल का अनुपालन करते हुए शांतिपूर्वक परीक्षा दी। किसी भी केंद्र से अप्रिय घटना की खबर नहीं है। इस दौरान पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने कई परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। ए.एन. कॉलेज, पटना में सर्वाधिक लगभग 1500 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। ओएसडी (पीएचडी) डॉ. आरयू सिंह ने बताया कि 14 अप्रैल को सारे विषयों की आंसर-की वेबसाइट पर जारी कर दी जाएगी।
परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षार्थियों ने बताया कि सवाल ठीक-ठाक थे। लेकिन कई परीक्षार्थियों ने बताया कि दोनों पत्रों को मिलाकर आधा दर्जन सवाल गलत पूछे गए थे। छात्र-छात्राओं के इस आरोप पर अभी यूनिवर्सिटी ने अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इसकी पड़ताल की जा रही है। एएन कॉलेज में 1467, कॉलेज आॅफ कॉमर्स आर्ट्स एंड साइंस में 456, जेडी वीमेंस कॉलेज में 707, अरविंद महिला कॉलेज में 604, आरकेडी कॉलेज में 965 और गंगा देवी महिला कॉलेज में 334 परीक्षार्थी शामिल हुए।
बता दें साल 2000 में 23 जनवरी को जब पीपीयू ने यह परीक्षा ली थी, उस समय सिर्फ अंग्रेजी में सवाल पूछने की वजह से परीक्षार्थियों ने बवाल किया था और तब पाटलिपुत्रा यूनिवर्सिटी ने अपनी गलती मानते हुए परीक्षा को रद्द किया था।

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