February 25, 2026

गया में बिहार पुलिस के दरोगा ने की आत्महत्या, कमरे में फांसी लगाकर दी जान

गया। बिहार के गया जिले में शुक्रवार को एक दुखद घटना सामने आई, जहां बिहार पुलिस के दारोगा अनुज कश्यप ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना पुलिस महकमे के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी हैरान कर गई। अनुज कश्यप गया एसएसपी कार्यालय में तैनात थे और मीडिया सेल के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।
घटनास्थल और प्राथमिक जांच
शुक्रवार को जब अनुज कश्यप के कमरे का दरवाजा काफी देर तक नहीं खुला, तो संदेह होने पर साथी पुलिसकर्मियों ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। वहां उन्होंने देखा कि दारोगा फंदे से लटके हुए हैं। तुरंत इसकी सूचना आला अधिकारियों को दी गई। गया जी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और एफएसएल टीम को बुलाकर घटनास्थल की जांच करवाई। टीम ने कमरे से सबूत इकट्ठा किए और आत्महत्या के संभावित कारणों की तलाश शुरू की।
मृतक का परिचय और तैनाती
अनुज कश्यप सहरसा जिले के बनगांव के निवासी थे। वे 2019 बैच के दारोगा थे और 2022 से गया एसएसपी कार्यालय में पदस्थापित थे। उन्हें मीडिया सेल का प्रभारी बनाया गया था, जहां वे अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभा रहे थे। दो साल पहले उनकी शादी हुई थी, लेकिन वे गया में अकेले रह रहे थे।
संभावित कारणों पर जांच
हालांकि आत्महत्या के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में उन्होंने यह कदम उठाया। परिजनों और सहकर्मियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना के पीछे छिपी सच्चाई सामने आ सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह व्यक्तिगत तनाव, पारिवारिक विवाद या किसी अन्य मानसिक दबाव का परिणाम तो नहीं था।
पुलिस अधिकारियों की प्रतिक्रिया
गया एसएसपी आनंद कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। एफएसएल टीम द्वारा जुटाए गए सबूतों का विश्लेषण किया जा रहा है और मृतक के करीबी लोगों से जानकारी ली जा रही है। उन्होंने कहा कि घटना दुखद है और इसकी सच्चाई सामने लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
परिवार पर दुख का पहाड़
इस घटना से मृतक के परिवार पर गहरा आघात पहुंचा है। उन्हें घटना की सूचना दे दी गई है और वे शोक में डूबे हुए हैं। परिजन और मित्र इस विश्वास पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि अनुज कश्यप ने अपनी जान ले ली। इस घटना ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों में बढ़ते मानसिक तनाव और उसके दुष्प्रभावों को उजागर कर दिया है। अक्सर कर्तव्य की कठोर परिस्थितियों, कार्य के दबाव और व्यक्तिगत जीवन की चुनौतियों के बीच संतुलन बनाना कठिन हो जाता है, जिसके कारण ऐसे कदम उठाए जाते हैं। पुलिस अब न केवल घटना की जांच कर रही है बल्कि यह भी समझने की कोशिश कर रही है कि इस तरह की त्रासदी दोबारा न हो, इसके लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।

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