January 29, 2026

धार्मिक व हिंदुओं की आस्था का स्थल गुलामी का प्रतीक, विजय सिन्हा बोले- ‘सुल्तानगंज’ का नाम ‘अजगैबीनाथ’ करे CM नीतीश

पटना। आज से सावन महीने की शुरुवात हो चुकी है। पटना के सभी शिवालयों पर भक्तों जन सैलाब उमड़ चुकी है। इसके साथ ही श्रावणी मेला का भी शुभारम्भ हो चूका है। इसी क्रम में भाजपा नेता विजय सिन्हा ने नीतीश सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला में बिहार सरकार की रुचि नहीं रहने के कारण सुल्तानगंज, अशोकधाम व सिमरिया सहित अन्य 44 स्थानों पर लगने वाले मेला के लिये सरकार ने कोई इंतजाम नहीं किया है। आगे सिन्हा ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध सुल्तानगंज से देवघर तक की कांवर यात्रा के लिए सरकार द्वारा कोई विशेष तैयारी नहीं की गई है। कांवरियों के लिये पथ की सुगमता, आवासन, सुरक्षा, चिकित्सा, धर्मशालाओं का रखरखाव व परिवहन आदि की व्यवस्था इस बार सरकार की प्राथमिकता सूची में नहीं है। उन्होंने कहा की शिव कांवरियों को सुल्तानगंज घाट में गंगा स्नान में असुविधा हो रही है। वही रास्ते में जगह-जगह पीने का पानी, शौचालय औऱ कांवर रखने हेतु स्टैंड भी पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की है की सुल्तानगंज का नाम वदल कर ‘अजगैबीनाथ’ कर दिया जाय।

इससे बिहार का यह धार्मिक औऱ हिंदुओं की आस्था का स्थल गुलामी की प्रतीक से बिहार को मुक्ति दिलाने में सफल होगा। आगे सिन्हा ने कहा कि नगर विकास विभाग के प्रभार में डिप्टी CM तेजस्वी यादव हैं जो ‘लैंड फॉर जॉब’ मामले में चार्जशीटेड हो गये हैं। वैसे तो यह समाचार JDU और इनके शीर्ष नेतृत्व के लिए खुशखबरी है क्योंकि जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के द्वारा आवेदन औऱ सबूत के कागजात उपलब्ध कराने के फलस्वरूप ही पहले लालू जी औऱ अब तेजस्वी जी पर चार्जशीट दाखिल सम्भव हो सका है। उन्होंने आगे कहा की अब राज्य की जनता को इंतजार है कि इस मामले में नैतिकता और छवि को अक्षुण्ण रखने के नाम पर सरकार कौन सा कदम उठाती है। परंपरा को ध्यान में रखकर उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को स्वयं इस्तीफा दे देना चाहिए। आगे उन्होंने कहा कि पिछले 15 दिनों से राज्य में राजनीतिक अस्थिरता चरम पर है। वही राज्य के सभी कार्य ठप हो गये हैं। प्रशासनिक अराजकता के कारण भ्रष्टाचार और अपराध भी चरम पर है। मुख्यमंत्री दिनभर विधायकों औऱ सांसदों से मिल रहे हैं। स्वाभाविक है कि राजद द्वारा जदयू को तोड़े जाने की चर्चा के कारण परेशान हैं। उपमुख्यमंत्री पर चार्जशीट होना JDU के लिए राहत भरी खबर है। लेकिन, JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष काफी परेशान हैं। यह चिंता का विषय है।

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