भारी बारिश के कारण रोकी गई अमरनाथ की पवित्र यात्रा, अब तक डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किये दर्शन

कश्मीर। जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के चलते अमरनाथ यात्रा शनिवार को अस्थायी रूप से रोक दी गई है। पवित्र गुफा की ओर जाने वाले पहलगाम और बालटाल, दोनों रूटों पर कल रात से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इस कारण यात्रियों को वापस उनके बेस कैंप भेजा जा रहा है। मौसम में सुधार होने पर यात्रा फिर से शुरू की जाएगी। 29 जून को शुरू हुई अमरनाथ यात्रा 19 अगस्त को समाप्त होगी। 3,800 मीटर ऊंचे गुफा मंदिर में अब तक 1.50 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। हालांकि, यात्रा शुरू होने के सातवें दिन यानी 5 जुलाई को ही बाबा बर्फानी अदृश्य हो गए, जो पहली बार हुआ है। अब श्रद्धालु केवल पवित्र गुफा के ही दर्शन कर सकेंगे। उत्तराखंड में भी भारी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण स्थिति गंभीर हो गई है। डोलिया देवी (फाटा) में रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड और ऋषिकेश से बद्रीनाथ जाने वाले नेशनल हाईवे 107 और 58 ब्लॉक हो गए हैं। सड़क पर जगह-जगह मलबा जमा हो गया है, जिसके कारण आवागमन बाधित है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड में आज भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है और 6-7 जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की आशंका जताई है। इस दौरान 64.5-115.5 एमएम से 115.5-204.4 एमएम तक बारिश हो सकती है। असम में बारिश, बाढ़, तूफान और लैंडस्लाइड के कारण जान गंवाने वालों की संख्या 62 हो गई है, जबकि 3 लोग लापता हैं। बाढ़ के कारण 29 जिलों में 22 लाख लोग प्रभावित हैं और नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। काजीरंगा नेशनल पार्क में बाढ़ के कारण 77 जानवरों की मौत हो चुकी है, जबकि 94 जानवरों को अब तक रेस्क्यू किया गया है। भारतीय मौसम विभाग ने शनिवार के लिए 28 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिनमें उत्तराखंड, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, असम, महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात, ओडिशा, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, राजस्थान, केरल, नगालैंड, त्रिपुरा और मिजोरम शामिल हैं। उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में अगले तीन दिन तक भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने आज देश के 15 राज्यों में तेज बारिश की संभावना जताई है और दिल्ली में बादल छाए रहने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। अगले 4-5 दिनों में राजधानी में भारी बारिश की संभावना है। दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि यमुना के जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है। बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के लिए 24X7 बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। ये कक्ष हथिनी कुंड बैराज के जलस्तर पर नजर रखेगा। जैसे ही बैराज से एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जाएगा, बाढ़ नियंत्रण विभाग सहित सभी एजेंसियां सक्रिय हो जाएंगी। बाढ़ नियंत्रण कक्ष में दिल्ली नगर निगम, दिल्ली विकास प्राधिकरण और नई दिल्ली नगर परिषद समेत अन्य एजेंसियों के अधिकारी तैनात रहेंगे। पिछले साल यमुना अपने 70 साल के सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गई थी, जिससे कई इलाके बाढ़ के पानी में डूब गए थे।

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