Big breaking-50 हजार के इनामी कुख्यात रवि गोप मामले में फुलवारी जेल के जेलर सस्पेंड

पटना/फुलवारीशरीफ।बिहार सरकार द्वारा घोषित 50 हजार के इनामी अपराधी दीघा के रामजीचक निवासी कुख्यात रवि गोप उर्फ रवि राय उर्फ रवि शंकर को शादी के मंडप से एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए जाने के 24 घंटों बाद ही रातो रात जमानत मिलने के बाद फुलवारी शरीफ़ शिविर मंडल कारा (फुलवारी कैम्प जेल ) से आनन-फानन रिहाई के बाद उसके नेपाल फरार होने के मामले में फुलवारी शरीफ शिविर मण्डल कारा के उपाधीक्षक जेलर  अरविंद कुमार के खिलाफ अंततः कार्रवाई हो ही गयी ।काफी कम उम्र में ही दीघा इलाके में हत्या मारपीट रंगदारी सहित कई संगीन मामले के आरोपित रवि गोप की गिरफ्तारी नही होने और कोर्ट से उसके घर की कुर्की किये जाने के बाद उसपर सरकार ने 50 हजार के इनाम की घोषणा कर रखी थी । दीघा से अपनी आशियाना नगर की प्रेमिका और परिवार वालों के साथ गुपचुप तरीके से अथमलगोला हाईवे पर एक मैरेज हॉल में शादी रचाने पहुंचे रवि गोप को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर पटना लाया था उसके बाद दानापुर के संगीन मामले को दबाकर दीघा के एक रंगदारी वाले मामले में पुलिस ने कोर्ट में प्रस्तुत कर जेल भेजा था। इसके बाद रातों रात रंगदारी मामले में रवि गोप ने कंपरमाईज पेटिशन कोर्ट में लगवा कर जमानत पा लिया था और उसके बाद फुलवारी जेल से अहले सुबह सुबह रिहाई के बाद नेपाल फरार हो गया । रवि गोप को जमानत मामले में पहले दानापुर थाना पुलिस की लापरवाही सामने आई थी जिसमे दानापुर के एसआई संजय सिंह को सस्पेंड किया गया था । इसी मामले में जमानत मिलने पर फुलवारी जेल से उसकी रिहाई भी जांच के दायरे में आ गयी थी क्योंकि कुख्यात अपराधी जिसपर सरकार ने पचास हजार का इनाम रखा हु था उसके इस तरह से छूट जाने के बाद पटना पुलिस की काफी किरकिरी हो रही थी । इस मामले में जेल आईजी ने सिटी एसपी पश्चिम और एसडीपीओ  पटना सदर की जांच रिपोर्ट के आधार पर फुलवारी शरीफ शिविर मंडल का फुलवारी जेल के उपाधीक्षक जेलर अरविंद कुमार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है । वहीं जेलर अरविंद कुमार को फिलहाल अररिया कारा में योगदान करने को कहा गया है ।

You may have missed