पटना में जमीन के काले कारोबार में अंडरवर्ल्ड के कुख्यातों की काली साया, रोज गिर रही है लाशें-प्रशासन खामोश
>>पटना के पुराने खतरनाक अंडरवर्ल्ड डॉन अब बन बैठे हैं भूमि माफिया कर रहे हैं जमीन का अवैध कारोबार..

>>दो दर्जन से अधिक कुख्यातों की पहली पसंद जमीन कब्जा करो-कब्जा हटाओ-मुंह मांगी कीमत वसूलो
>> हिस्ट्रीशीटर-प्रॉपर्टी डीलर नेक्सस के वजह से कायम है राजधानी पटना में जमीन विवाद में हत्याओं का दौर
पटना।पहले जिन बंदूकों की गरजने से वसूली जाती थी रंगदारी।वे कुख्यात अब बंदूकें चमकाकर कर रहे हैं पटना में जमीनों की अवैध सौदेबाजी। राजधानी पटना के कई पुराने हिस्ट्रीशीटर कुख्यात डॉन अब जमीन के अवैध कारोबार में उतर गए हैं।राजधानी पटना का जमीन कारोबार अब संगीनों के साए में फलने फूलने लगा है।कुछ पुराने नामचीन डॉन लगभग एक दशक से इस धंधे में उतरे हुए हैं।तो कई कुख्यात जेल से निकलने के बाद दो-चार-पांच वर्षों से अपने-अपने इलाके में विवादित जमीनों पर अपने दबदबे- खौफ तथा एके-47-56,9 एमएम की चमक का इस्तेमाल कर धन उगाही का काम कर रहे हैं। गौरतलब है की राजधानी पटना में विगत कई वर्षों से अपराधी घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। खास करके राजधानी के हर कोने में जमीन के कारोबार करने वाले शख्स गोलियों का शिकार बन रहे हैं। विशेष कर राजधानी पटना के ऐसे इलाके जहां अभी खाली जमीनों पर नए इलाके बसने की प्रक्रिया जारी है, जैसे दानापुर-खगौल, रामकृष्ण नगर फुलवारी शरीफ,बाईपास,बेऊर, नौबतपुर,बिहटा,विक्रम जैसे इलाको में विगत 3 वर्षों के दौरान कई प्रॉपर्टी डीलर तथा जमीन ब्रोकर की अपराधियों के द्वारा हत्या कर दी गई है। ऐसे इलाके में कई अपराधी सरगना जमीन के धंधे में अपने अवैध वसूली का वर्चस्व जमाए रखने के लिए इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।लेकिन पुलिस प्रशासन के नजर में अधिकांश हत्याकांड सिर्फ भूमि विवाद का मामले तक ही सीमित रह जाता है। जबकि राजधानी पटना में कई कुख्यात सरगना अब जमीन के अवैध कारोबार को संगठित अपराध की तरह संचालित कर रहे हैं। पटना के पूर्व एसएसपी मनु महाराज ने अपने कार्यकाल में ऐसे अपराधी,जो जेल से निकलकर जमीन के धंधे में अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए बुलेट का इस्तेमाल कर रहे हैं,वैसे अपराधियों की सूची भी तैयार करवाई थी। लालू राबड़ी शासन काल में जो अपराधी बिल्डर से रंगदारी वसूला करते थे।अब वे सीधे-सीधे भूमि माफिया के रूप धारण कर जमीन के कारोबार में अवैध तरीके से साझेदार बन बैठे हैं। कई बिल्डर तथा प्रॉपर्टी डीलर विवादित जमीनों पर से दूसरी पार्टी को हटाने के लिए ऐसे कुख्यात हिस्ट्रीशीटर को अपने प्रोजेक्ट में पार्टनर बनाते हैं।उसके खौफ का इस्तेमाल अपने सामने वाली पार्टी को डराने के लिए करते हैं।इतना ही नहीं कभी-कभी तो ‘विकेट’ भी गिरा दिया जाता है। राजधानी पटना के लगभग सभी अनुमंडल में अगर देखा जाए तो जमीन के कारोबार में पुराने अपराधियों की दखल साफ देखी जा सकती है। पुलिस के स्पेशल ब्रांच की भी विशेष नजर ऐसे मामलों में है। स्पेशल ब्रांच के द्वारा पुलिस को सौंप गए एक रिपोर्ट में कई ऐसे कुख्यात हिस्ट्रीशीटरों के नामों के उल्लेख भी है। जमीन के खरीद बिक्री में सीधे तौर पर कुख्यातों के दखल ने राजधानी पटना में अपराध की घटनाओं में इजाफा करने में बड़ी भूमिका निभाई है देखना है।पटना पुलिस किस प्रकार अंडरवर्ल्ड तथा प्रॉपर्टी डीलर के इस नेक्सस को नेस्तनाबूद करने का काम करती है।पुलिस के लिए है एक बड़ी चुनौती है।

