प्रदेश में अब पुलिस पदाधिकारियों को लोगों के साथ फोटो लेने पर लगी रोक, पुलिस मुख्यालय का निर्देश जारी
पटना। बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी पुलिस अधिकारियों के लिए एक सख्त निर्देश जारी किया है। अब किसी भी पुलिस पदाधिकारी को आम जनता, स्थानीय जनप्रतिनिधियों या मीडियाकर्मियों के साथ फोटो खिंचवाने या सेल्फी लेने की अनुमति नहीं होगी। इस संबंध में डीजीपी विनय कुमार ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि इस नियम का उल्लंघन करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, पुलिस मुख्यालय को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई लोग पुलिस अधिकारियों के साथ खिंचाई गई तस्वीरों का गलत उपयोग कर रहे हैं। ऐसे लोग इन तस्वीरों को दिखाकर खुद को प्रभावशाली साबित करने की कोशिश करते हैं और कई बार पुलिस विभाग या अन्य प्रशासनिक अधिकारियों पर अनुचित दबाव भी डालते हैं। इस प्रवृत्ति ने पुलिस की कार्यशैली और निष्पक्ष छवि को प्रभावित करना शुरू कर दिया था। इसलिए इस समस्या पर रोक लगाने के लिए यह नया फरमान जारी किया गया है।डीजीपी ने अपने आदेश में कहा है कि शिष्टाचार भेंट या सामान्य मुलाकात के दौरान अक्सर आम लोग, स्थानीय प्रतिनिधि और पत्रकार अधिकारी के साथ सेल्फी या तस्वीर खिंचवा लेते हैं। देखने में यह एक सामान्य और सौहार्दपूर्ण व्यवहार लगता है, लेकिन बाद में यही तस्वीरें कई बार गलत उद्देश्यों के लिए प्रयोग होती हैं। कुछ लोग इन्हें दिखाकर निजी काम निकलवाने, अनुचित लाभ लेने या अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। यही कारण है कि अब पुलिस अधिकारियों को तस्वीरें खिंचवाने से पूरी तरह परहेज करने का निर्देश दिया गया है। यह आदेश राज्य के सभी क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षकों, उप-महानिरीक्षकों, वरीय पुलिस अधीक्षकों और जिला पुलिस अधीक्षकों तक भेजा जा चुका है। उम्मीद की जा रही है कि इस सख्त कदम से पुलिस अधिकारियों के दुरुपयोग होने वाले ऐसे मामलों पर प्रभावी रूप से रोक लगाई जा सकेगी। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया और मोबाइल कैमरों के बढ़ते चलन के कारण फोटो और सेल्फी लेना आम आदत बन चुकी है। लेकिन जब यह प्रवृत्ति सरकारी अधिकारियों और विशेषकर पुलिस अधिकारियों के साथ जुड़ती है, तो इसके दुष्परिणाम भी सामने आते हैं। कोई भी व्यक्ति केवल एक तस्वीर दिखाकर यह जताने की कोशिश कर सकता है कि उसका सीधा संबंध पुलिस से है। इससे न केवल पुलिस की छवि धूमिल होती है, बल्कि आम जनता में गलत संदेश भी जाता है।इसलिए डीजीपी का यह निर्णय पुलिस की साख और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। अब पुलिस अधिकारियों से मिलने वाले लोगों को भी यह समझना होगा कि सेल्फी या तस्वीर लेना प्रतिबंधित है और इस नियम का पालन करना आवश्यक है। कुल मिलाकर, यह आदेश पुलिस अधिकारियों को अनावश्यक विवादों से बचाने और उनके पद की गरिमा को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


