एनडीए के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार को नीतीश ने दी शुभकामनाएं, कहा- हमारी पार्टी उनका पूरा समर्थन करेगी
पटना। बिहार की राजनीति में हाल ही में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनाए गए महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट के माध्यम से बधाई संदेश साझा करते हुए साफ तौर पर कहा कि जनता दल यूनाइटेड (जदयू) इस चुनाव में राधाकृष्णन का पूर्ण समर्थन करेगी। नीतीश कुमार ने लिखा महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री सी.पी. राधाकृष्णन जी को एनडीए के उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने के निर्णय का स्वागत है। जदयू सी.पी. राधाकृष्णन जी का समर्थन करेगा। उन्हें शुभकामनाएं। यह बयान महज एक औपचारिक बधाई संदेश नहीं है, बल्कि इसके राजनीतिक मायने भी गहरे हैं। बिहार की राजनीति हमेशा से राष्ट्रीय परिदृश्य पर निर्णायक प्रभाव डालती रही है और ऐसे में नीतीश कुमार का यह संदेश आगामी राजनीतिक समीकरणों की दिशा भी तय कर सकता है। सबसे पहले, इस समर्थन से यह स्पष्ट होता है कि नीतीश कुमार वर्तमान में एनडीए के साथ मजबूती से खड़े हैं। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने कई बार राजनीतिक पाला बदला है, जिससे उनकी छवि “किंगमेकर” की बन गई है। ऐसे में उपराष्ट्रपति चुनाव के समय उन्होंने जिस तेजी से अपना समर्थन जाहिर किया, वह गठबंधन की एकजुटता का संदेश देता है। दूसरा पहलू यह है कि 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस पृष्ठभूमि में जदयू का यह रुख एनडीए खेमे के भीतर सामंजस्य बनाए रखने और विपक्ष को कड़ा संदेश देने का प्रयास भी माना जा रहा है। नीतीश कुमार जानते हैं कि केंद्र की राजनीति में उनकी भूमिका तभी निर्णायक होगी जब उनकी पार्टी गठबंधन की राजनीति में सक्रिय और भरोसेमंद साझेदार बनी रहे। उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के समर्थन का एलान इसी दिशा में एक ठोस कदम है। तीसरा, यह बयान आने वाले दिनों में केंद्र और राज्य की राजनीति के बीच नीतीश कुमार की सक्रियता का संकेत देता है। वे हमेशा से व्यावहारिक राजनीति के लिए जाने जाते हैं और ऐसे अवसरों पर उनका रुख राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनता है।कुल मिलाकर, नीतीश कुमार का यह बयान केवल औपचारिक समर्थन नहीं, बल्कि गठबंधन की मजबूती और अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने का प्रयास है। उपराष्ट्रपति चुनाव में सी.पी. राधाकृष्णन का समर्थन कर जदयू ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह एनडीए के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है। इससे न केवल एनडीए की एकजुटता को बल मिलेगा बल्कि बिहार की आगामी राजनीति पर भी इसका गहरा असर पड़ सकता है।


