नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनने पर दी बधाई, लिखा- उनके नेतृत्व में बिहार तेजी से आगे बढ़ेगा
- सम्राट चौधरी बने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री, भाजपा नेतृत्व में नई सरकार का गठन
- राज्यपाल ने लोकभवन में दिलाई शपथ, विजय चौधरी और विजेंद्र यादव बने उपमुख्यमंत्री
- नीतीश कुमार ने दी बधाई, सम्राट चौधरी के राजनीतिक सफर ने नई ऊंचाई छुई
पटना। बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के तहत सम्राट चौधरी ने बुधवार को राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। राजधानी पटना के लोकभवन में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने उन्हें शपथ दिलाई। इस अवसर पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस शपथ ग्रहण के साथ ही बिहार में पहली बार भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में सरकार बनी है, जिसके मुखिया सम्राट चौधरी बने हैं। उनके साथ विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई, जो नई सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे। समारोह के बाद नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि उनके नेतृत्व में बिहार तेजी से विकास करेगा और देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। उन्होंने अपने संदेश में नई सरकार के सफल कार्यकाल की कामना भी की। सम्राट चौधरी का राजनीतिक जीवन संघर्ष और अनुभव से भरा रहा है। उनका जन्म 16 नवंबर 1968 को बिहार के खगड़िया जिले में हुआ था। वे एक मजबूत राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता शकुनी चौधरी राज्य के वरिष्ठ समाजवादी नेता रहे हैं, जो सात बार विधायक और सांसद रहे तथा विधानसभा के उपाध्यक्ष भी रहे। उनकी माता पार्वती देवी भी तारापुर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुकी हैं। सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल से की। वर्ष 1999 में उन्हें कम उम्र में राबड़ी देवी सरकार में कृषि राज्य मंत्री बनाया गया, हालांकि उम्र को लेकर विवाद के चलते उन्हें पद छोड़ना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने राजनीति में अपनी सक्रियता बनाए रखी और आगे बढ़ते रहे। उन्होंने परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से 2000 और 2010 में विधायक के रूप में जीत हासिल की। बाद में उन्होंने नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में 2014 में शहरी विकास मंत्री के रूप में कार्य किया। जब जीतन राम मांझी मुख्यमंत्री बने, तब भी वे मंत्री पद पर बने रहे। राजनीतिक सफर में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया, जब उन्होंने वर्ष 2018 में जनता दल (यूनाइटेड) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। भाजपा में उनका कद तेजी से बढ़ा और उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया। बाद में वे विधान परिषद सदस्य बने और वर्ष 2022 में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष चुने गए। मार्च 2023 में उन्हें भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, जिसके बाद उनकी राजनीतिक भूमिका और मजबूत हुई। इसके बाद वे उपमुख्यमंत्री बने और अब मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे हैं। यह उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक क्षमता का परिणाम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार की राजनीति एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। भाजपा नेतृत्व वाली सरकार से प्रशासनिक नीतियों और विकास कार्यों में बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है। नई सरकार के सामने रोजगार, बुनियादी ढांचा विकास और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने जैसी कई चुनौतियां हैं। ऐसे में सम्राट चौधरी के नेतृत्व की परीक्षा अब शुरू होगी। इस प्रकार, बिहार में सत्ता परिवर्तन के साथ एक नए अध्याय की शुरुआत हो चुकी है, जिसमें नई उम्मीदें, नई नीतियां और विकास की नई संभावनाएं जुड़ी हुई हैं।


